नगर निकाय चुनाव का प्रचार जैसे-जैसे अंतिम दौर में पहुंच रहा है, जिले में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति गर्माने लगी है। विरोधियों को घेरने के लिए अब प्रत्याशी और उनकी पार्टियों के नेता संयम खोने लगे हैं और नुक्कड़ सभाओं के मंचों से उनके खिलाफ जमकर आग उगल रहे हैं। इस तल्ख बयानबाजी ने न केवल जिले का सियासी पारा चढ़ा दिया है, बल्कि इस चुनाव में लोगों की दिलचस्पी भी बढ़ा दी है।
केवल नेताओं की तल्ख बयानबाजी सुनने के लिए ही शहर के प्रमुख चौराहों पर हो रहीं नुक्कड़ सभाओं में अच्छी-खासी भीड़ जुट रही है। नुक्कड़ सभाओं में चल रही नेताओं की तल्ख बयानबाजी की शहर की चौपालों पर भी चर्चा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि सियासी माहौल में इतनी तल्खी लंबे समय बाद देखने और सुनने को मिल रही है।
कुल मिलाकर इस शहर और जिले की सियासत का मिजाज पहले पंचायत और फिर विधानसभा के चुनाव के बाद काफी हद तक बदल गया है। जाहिर है कि चुनाव प्रचार खत्म होने तक शहर का सियासी माहौल राजनीतिक बयानबाजी से और गर्माएगा।