मनरेगा के कामों में सामने आई 44.66 लाख की वित्तीय अनियमितता
सोशल ऑडिट के दौरान हुआ खुलासा, पंचायत सचिव, टीए और ग्राम प्रधान से वसूली की कार्रवाई शुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले में ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत हुई की सोशल ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता सामने आई हैं। सोशल ऑडिट के दौरान ग्राम पंचायतों में 44.66 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। विभाग की ओर से इस धनराशि की वसूली की कार्रवाई संबंधित ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों और तकनीकी सहायकों से शुरू कर दी गई है। इस अनियमितता के सामने आने के बाद मनरेगा के तहत हुए कामों की स्थिति सामने आ गई है।
शासन स्तर से ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाले कामों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत की सोशल ऑडिट करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस क्रम में विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट कराया जा रहा है। वर्तमान में जिले के ब्लॉक सहपऊ, हसायन, मुरसान और हाथरस की ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट कराई गई। इस सोशल ऑडिट में तमाम तरीके के अनियमितताएं सामने आईं।
इन ब्लॉकों में मनरेगा के तहत हुए कामों वित्तीय अनियमितता भी निकली। कई स्थलों पर काम होने के बाद साइन बोर्ड तक नहीं लगाए गए। कई स्थलों पर मानक के अनुसार कार्य भी नहीं पाए गए। सोशल ऑडिट के दौरान वित्तीय वर्ष 2019-20 में हुए कामों में मात्र चार ब्लॉकों में ही 14.71 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता बरतना सामने आया है। वर्ष 2013-14 से लेकर वर्ष 2019-20 तक मनरेगा के तहत होने वाले कामों में 44.66 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
इन आंकड़ों ने मनरेगा के तहत होने वाले कामों में संबंधित ग्राम पंचायत व ब्लॉक बार अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब विभाग की ओर से इन वित्तीय अनियमितता को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस अनियमितता में दोषी पाए जाने वाले संबंधित पंचायत सचिवों, तकनीकी सहायकों और ग्राम प्रधानों से वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है।
वर्ष बार अनियमितता का आंकड़ा
वर्ष वसूली धनराशि
2013-14: 99875
2013-14: 13,44,359
2015-16: 7,94,217
2016-17: 6,20,821
2017-18: 44,022
2018-19: 92,273
2019-20: 14,71,222
अनियमितता में हसायन पहले पायदान पर
हाथरस। मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 के कामों की सोशल ऑडिट में वित्तीय अनियमितता में हसायन में सबसे ज्यादा हुई हैं। सोशल ऑडिट में सामने आया है कि सहपऊ ब्लॉक में 57610, हसायन ब्लॉक में 5,74,581 रुपये, मुरसान ब्लॉक में 3,82,485 रुपये और हाथरस ब्लॉक में 4,56,540 रुपये की वित्तीय अनियमितता बरती गई है। अब इन सभी ब्लॉकों में संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों और तकनीकी सहायकों से वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सोशल ऑडिट में मनरेगा के तहत हुए कामों में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। संबंधित ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और तकनीकी सहायकों से वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
-अवधेश सिंह यादव, डीडीओ