शहर के एक जिम में कसरत करते युवा। संवाद
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जिले में पिछले कुछ समय में जिम का कारोबार तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह युवाओं में लगातार बढ़ता सिक्स पैक बनाने का क्रेज है। हैरानी की बात है कि जिले में शहर से देहात तक करीब 200 जिम चल रहे हैं, लेकिन खेल विभाग में किसी का भी पंजीकरण नहीं है। मानक की बात तो दूर की रही, इन जिम में प्रशिक्षित ट्रेनर भी नहीं हैं। इस कारण युवा बिना किसी देखरेख के व्यायाम करके चले जाते हैं।
समय बदलने के साथ ही युवाओं में जिम का खासा क्रेज बढ़ा है। फिल्मी सितारों को देखकर युवा सिक्स पैक बनाने में जुटे हैं। यहां शहर से लेकर देहात तक करीब 200 जिम संचालित हैं। कुछ जिम छोटे स्तर पर तो कुछ जिम बडे़ स्तर पर चलाए जा रहे हैं मगर इन जिम में मानक का पालन नहीं किया जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि किसी भी जिम का क्रीड़ा विभाग में कोई पंजीकरण नहीं हैं। इस कारण क्रीड़ा विभाग के पास कोई आंकड़ा नहीं है, जबकि पंजीकरण के दौरान जिम संचालक को प्रशिक्षित प्रशिक्षक, जिम स्थापित एरिया, पार्किंग एरिया, प्रॉपर हवा-पानी की व्यवस्था के बारे में जानकारी देनी होगी।
यहां तक कि पंजीकरण के दौरान वार्षिक शुल्क भी जमा किया जाता है। जिम को लेकर पहले भी कई आदेश जारी हुए और अब नया भी जारी हो गया है, जिसमें 15 हजार रुपये की फीस जमा कर पंजीकरण किया जाता है। जिले में किसी ने पंजीकरण नहीं कराया है न ही किसी विभाग से कोई एनओसी ली है। स्वयं के मानकों और इच्छा अनुसार चला रहे हैं। संवाद
जिले में अभी तक किसी भी जिम संचालक ने पंजीकरण नहीं कराया है। जल्द ही सभी जिम का निरीक्षण कर मानक को देखा जाएगा। बिना पंजीकरण के चल रही जिम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल कुमार, जिला क्रीड़ा अधिकारी