प्रभु यीशु के जन्म लेने के बाद रविवार को पूरे शहर में मैरी क्रिसमस के सेलिब्रेशन की धूूम रही। ईसाई समाज के लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर और हाथ मिलाकर मैरी क्रिसमस कहा। सतरंगी रोशनी, गुब्बारों और स्टार बैल से चर्चाें को सजाया गया। सतरंगी रोशनी में नहाए चर्च देर रात तक यीशु की महिमा के गुणगान से गूंजते रहे। केरल गीत-संगीत की भी धूम रही।
सेंट फ्रांसिस स्कूल में स्थित गिरजाघर पर भी विशेष आयोजन हुआ। यहां पुरोहित डॉ. रावर्ट वर्गीस और फादर चार्ल्स टोप्पो ने चर्च की पूजन पद्धति को चढ़ाया। उन्हाेंने बताया कि हमारे लिए प्रभु यीशु के जन्म का उद्देश्य जब तक पूरा नहीं होगा, जब तक हमारे अंदर उसका प्रेम नहीं आ जाए।
सचमुच में प्रभु यीशु का जन्म समस्त मानव जाति के उद्धार का प्रतीक है, क्योंकि प्रभु यीशु ने दूसरों के लिए जन्म लिया और इस संसार के लिए अपने आपको बलिदान कर दिया। इस दौरान हुई प्रार्थना सभा में काफी लोग मौजूद थे। अलीगढ़ रोड स्थित सेंट मार्क्स चर्च में क्रिसमस का पर्व धूमधाम से मनाया गया। क्रिसमस की आराधना का प्रारंभ चर्च के पादरी द्वारा की गई प्रार्थना के साथ हुआ। उन्हाेंने बताया कि प्रभु यीशु मसीह निर्धनों, गरीबों और दबे-कुचलों के लिए पैदा हुए थे।
सावन कृपाल रुहानी मिशन संत कृपाल आश्रम गौशाला रोड पर रुहानी सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ क्रिसमस दिवस भी मनाया गया। सत्संग कार्यक्रम में अमर सिंह ने अपनी वाणी में अत्यंत सुंदर सत्संग सुनाया। उन्होंने बताया कि इंसान सांसरिक मोह में फंसा हुआ है। रिश्ते-नातों में फंसकर जीवन की सच्चाई को भूल बैठा है। अंत समय आता है तो न तो कोई रिश्तेदार और न ही कोई अन्य वस्तु साथ जाती है।
हमारे सतगुरु ही हमें भजन सुमिरन के माध्यम से उस सच्ची दौलत तक पहुुंचा सकते हैं। विद्वान छैल बिहारी ने कहा कि हमारा जीवन पाप धर्म की पटरी है। इस गाड़ी को मन रूपी इंजन खींच रहा है। एक जनवरी से आठ जनवरी तक ध्यान कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। बच्चों ने सेंटा क्लॉज के साथ भी खूब मस्ती की।
सोशल साइट्स पर भी क्रिसमस की धूम
सोशल नेटवर्किंग साइट और मैसेजिंग एप्स पर भी मैरी क्रिसमस के बधाई संदेशों की धूम रही। युवा मोबाइल के जरिए एप्स का इस्तेमाल कर एक दूसरे को मैरी क्रिसमस की बधाई देते रहे। किसी ने सेंटा का चित्र भेजकर बधाई दी, तो किसी ने क्रिसमस के पीछे के इतिहास की जानकारी देकर बधाई दी।