एसआईबी मथुरा की ओर से सर्वे की कार्रवाई करने से पहले कई दिन रेकी की गई थी। इसमें मुख्य फर्म के परिसर के साथ ही मथुरा रोड पर नगला नंदू के निकट के एक गोदाम व सादाबाद में गांव कजरौठी-राया रोड के निकट की एक अन्य शाखा पर भी नजर रही। इन जगहों पर माल के आवागमन के पहले ही टीम ने साक्ष्य जुटा लिए थे।
स्थानीय गोदाम में नहीं, पोर्ट पर है माल का स्टाॅक
सर्वे में सामने आया कि माल का स्टाॅक स्थानीय स्तर पर बहुत कम किया जाता है। कारोबारी द्वारा पोर्ट से पोर्ट पर ही माल की खरीद-बिक्री की जाती है, क्योंकि सर्वे वाली फर्म की ओर से यूरोपियन देशों तक कारोबार किया जाता है।
टर्न ओवर गिरने से जांच के घेरे में आई फर्म
एसआईबी की ओर से इस फर्म की जांच के लिए लंबे समय से स्क्रूटनी की जा रही थी। इसमें पाया गया कि फर्म का कारोबार विदेशों तक है, लेकिन बात अगर टर्नओवर की करें तो बीते तीन साल में इसमें काफी गिरावट आई है। वित्तीय वर्ष 2023-24, व 2024-25 में टर्नओवर वित्तीय वर्ष 2022-23 की अपेक्षा करीब आधा रह गया। माना जा रहा है कि टर्नओवर के गिरने की वजह से फर्म जांच के घेरे में आई।