हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन के सुंदरीकरण के लिए तोड़ी गई मुख्य दीवार
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पूर्वोत्तर रेलवे के हाथरस सिटी स्टेशन के सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है, लेकिन इस काम में अब हरित पट्टी का अड़ंगा लग रहा है। स्टेशन के मुख्य द्वार पर गेट निकाले जाने का काम लटक गया है। हालांकि इसे लेकर डीएम से स्वीकृति मांगी गई है, लेकिन अभी तक इसमें कोई प्रगति नहीं हुई है।
हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत मुख्य द्वार पर दो नए द्वार का निर्माण किया जाना है। इसमें एक द्वार स्टेशन पर प्रवेश के लिए और दूसरा द्वार वाहनों की पार्किंग के लिए होगा। इन दोनों द्वारों के लिए रेलवे ने चहारदीवारी तो तोड़ दी है, लेकिन इस पर गेट का निर्माण नहीं किया जा पा रहा।
इसका मुख्य कारण द्वार के बाहर हरित पट्टी का होना है। इस हरित पट्टी को हटाए जाने या फिर इस पर आवागमन शुरू करने के लिए डीएम से स्वीकृति मांगी गई है, लेकिन अभी तक स्वीकृति मिली नहीं है। वहींमाना जा रहा है कि इस स्वीकृति को मिलने में बड़ा अड़ंगा है, क्योंकि मथुरा-बरेली राजमार्ग की इस हरित पट्टी पर कोई भी गैर वानकीय कार्य किए जाने के लिए भारत सरकार की ओर से स्वीकृति मिलेगी। इसके लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होता है।
नगर पालिका ने बनाई थी हरित पट्टी
नगर पालिका परिषद ने कुछ समय पहले मथुरा-बरेली राजमार्ग पर हरित पट्टी तैयार की थी। इसके चलते रेलवे जिला प्रशासन व नगर पालिका से स्वीकृति की उम्मीद कर रहा है, लेकिन नियमों के अनुसार किसी भी राजमार्ग का फुटपाथ संरक्षित वन भूमि होता है। इस भूमि पर वानकीय कार्य तो किया जा सकता है, लेकिन गैर वानकीय कार्य के लिए स्वीकृति भारत सरकार ही देगी।
चहारदीवारी तोड़कर दो मुख्य द्वार निकाले जाने हैं, जो कि हरित पट्टी पर खुलेंगे। इसके लिए डीएम को पत्र दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद यहां गेट निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। -संजीव शर्मा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर निर्माण, हाथरस सिटी।