पहाड़ों पर बर्फवारी ने मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड बढ़ा दी है। सुबह लोग जब घर से बाहर निकले तो घने कोहरे के कारण उनके पैर ठिठक गए। सुबह-सुबह सैर के लिए जाने वाले लोग रोजाना से थोड़ी देरी से सैर पर गए। आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर तेजी से दौड़ने वाले वाहन भी धीमी गति से चलते नजर आए।
घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार 16 दिसंबर की सुबह थम गई। सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। बच्चे भी ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी।
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पहाड़ों पर बर्फवारी ने मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड बढ़ा दी है। सुबह लोग जब घर से बाहर निकले तो घने कोहरे के कारण उनके पैर ठिठक गए। सुबह-सुबह सैर के लिए जाने वाले लोग रोजाना से थोड़ी देरी से सैर पर गए। आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर तेजी से दौड़ने वाले वाहन भी धीमी गति से चलते नजर आए।
दृश्यता कम होने के कारण हादसों के डर से वाहन चालक हेड लाइट जलाकर वाहन चलाते हुए नजर आए। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हुए। बच्चे ठंठ में ठिठुरते हुए स्कूल गए। खुले में रहने वाले लोग भी अलाव जलाकर ठंड से मुकाबला करते नजर आए। दोपहर होते-होते मौसम में थोड़ी गर्माहट आई। शाम को फिर नमी बढ़ गई। ठंड से बचने के लिए लोगों के शरीर पर गर्म व ऊनी कपड़ों का बोझ बढ़ गया है।