गरीबों के निवाले के घोटाले को लेकर अब शासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इस मामले में एसटीएफ को जांच के लिए लगा दिया गया है। इस घोटाले की जांच एसटीएफ के हाथों में आते ही कोटेदारों के पसीने छूट गए है। जिले में भी अनाज घोटाले को लेकर 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। वही कालाबाजारी करने वालों में भी घबराहट पैदा हो गई है। अब जल्द ही इस जिले में भी एसटीएफ की टीम फाइलों को खंगालने के लिए आ सकती है। इसे लेकर विभागीय अधिकारी अपनी फाइलों को पूरी करने में जुटे हुए हैं।
शासन स्तर पर यह जिला खाद्यान्न की कालाबाजारी के लिए सुर्खियों में आ चुका है। यहां पांच आधार कार्डों से 1,064 राशन कार्डधारकों के खाद्यान्न का घोटाला किया गया था। इसे लेकर विभाग ने तीन जांच कमेटी बनाई थी और 10 कोटेदारों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि अभी तक 2 आधार कार्डों के रिकार्ड स्कैन नहीं हो पाए थे। विभाग ने फिर भी जिन कोटेदारों के राशन कार्डों से ये आधार कार्ड अटैच थे, उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी थी।
अब इन आधार कार्डों को एसटीएफ की टीम स्कैन करेगी और उन कार्डधारकों को भी अपने शिकंजे में लेगी। जल्द ही एसटीएफ की टीम जिले में भी आएगी। विभागीय स्तर से जांच पत्रावलियों को पूरा किया जा रहा है। इन जांच पत्रावलियों को भी एसटीएफ खंगालेगी। इस घोटाले में कुछ अन्य कोटेदार भी एसटीएफ के निशाने पर आ सकते हैं।
हमारे यहां जितने कार्ड शासन स्तर से घोटाले में भेजे गए थे, उनकी जांच पूरी कर दस लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। शासन स्तर से इस मामले में एसटीएफ को लगाया गया है।
-सुरेंद्र यादव, डीएसओ हाथरस