मंडी समिति में जर्जर टिनशेड। संवाद
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मंडी समिति में लंबे समय से जर्जर हो चुके टिनशेड को बदलने के लिए शासन ने करीब 30 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत मंडी के तीन चबूतरों पर नए टिनशेड लगाए जाएंगे, जिससे इनके नीचे रखा जाने वाला किसानों का अनाज सुरक्षित रह सकेगा।
मंडी में लगे पुराने टिनशेड काफी जर्जर हो चुके थे। बारिश के दौरान इनमें से पानी टपकता था, जिससे किसानों द्वारा लाई गई फसल भीग जाती थी और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। इस समस्या के बारे में किसान लंबे समय से शिकायत कर रहे थे। अमर उजाला में इस बारे में खबर छपने के बाद अधिकारी हरकत में आ गए, अब स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। मंडी समिति में रोजाना जनपद और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों किसान अनाज बेचने पहुंचते हैं। ऐसे में टिनशेड का मजबूत और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।
नए शेड बनने से न केवल अनाज सुरक्षित रहेगा, बल्कि किसानों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मंडी सचिव गौरव सिंह का कहना है कि निर्धारित समय में कार्य पूरा कर लिया जाएगा, ताकि आने वाले समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नही करना पड़े।