पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर हड़ताल कर सभा करते राज्य कर्मचारी।
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उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की तीन दिनी हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों की हुंकार से सत्ता को सीधी चुनौती दी जाती रही। कर्मचारियों ने खुले मंच से ऐलान किया कि उनकी मांगें नहीं मानी जाती तो सरकार सत्ता से विदाई की तैयारी कर ले। सीधे कहा कि कर्मचारियों ने अंगड़ाई ली तो सपा सरकार की सत्ता में वापसी नहीं होगी। जिले भर में इस हड़ताल का मिलाजुला असर रहा।
हड़ताल के पहले दिन पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में धरना-प्रदर्शन में कर्मचारी खूब गरजे। कहा कि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को मानकर ही सरकार 2017 में सत्ता में वापसी का रास्ता बना पाएगी। परिषद के जिलाध्यक्ष विशाल रावत ने कहा कि विधायक, मंत्रियों को असीमित सुविधाएं और मनमाना वेतन दिया जा रहा है।
जिन कर्मचारियों के बूते सरकार चलती है, उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति तक नहीं की जाती। वक्ताओं ने कहा कि कोर्ट में शपथ देकर पिछले आंदोलन के समय सरकार ने जो मांगें स्वीकारी थी उन पर शासनादेश निर्गत न करना सरकार की वादाखिलाफी है। अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के मंडल अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल यादव, जिला मंत्री सुनहरीलाल गौतम ने कहा कि सरकार जितना दमन करेगी आंदोलन उतना तेज होगा। सभा की अध्यक्षता माशिसं जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र शर्मा ने की। सरदार सिंह, सुजान सिंह, कमलेश बाबू, रमेशचंद्र शर्मा, जयवेंद्र सिंह, ऊषा शर्मा, संत कुमार सिंह, हरीशचंद्र आदि ने भी विचार व्यक्त किए।