खुशखबरी: शहरों में पसंदीदा डीलर से खाद्यान्न ले सकेेंगे कार्डधारक
नगरीय क्षेत्र में लागू हुई राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। नगरीय क्षेत्र के कार्डधारक अब अपने मनपसंद राशन डीलर से खाद्यान्न ले सकते हैं। शासन स्तर से सभी नगरीय क्षेत्रों में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस संबंध में राशन कार्ड धारक को विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगले माह से सभी कार्डधारक इस सिस्टम का लाभ ले सकते हैं।
शासन स्तर से प्रदेश के पांच जिलों के नगरीय क्षेत्र में जनपदीय राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की व्यवस्था लागू की गई थी। इस व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन के बाद शासन ने सभी जनपदों में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत नगरीय क्षेत्र के कार्डधारक अपने पसंदीदा राशन डीलर से खाद्यान्न ले सकेंगे। कार्डधारकों को अन्य दुकान से खाद्यान्न लेने के लिए अपना आधार कार्ड दिखाना होगा। राशन कार्ड धारक के फिंगर वेेरिफिकेशन के बाद ही खाद्यान्न मिल सकेगा। इस व्यवस्था के लागू के होने के साथ कार्डधारकों को डीलर पसंद नहीं आने की सूरत में अपना डीलर खुद चयन करने की आजादी मिल सकेगी।
एक डीलर से लगातार तीन बार खाद्यान्न लेने की स्थिति में वह डीलर उस कार्डधारक के कार्ड पर रजिस्टर्ड हो जाएगा। राशन डीलर अपने यहां का कार्डधारक नहीं होने पर नॉन आधार वितरण प्रणाली से खाद्यान्न नहीं दे सकेंगे। इसके लिए कार्डधारक को अपने रजिस्टर्ड डीलर के यहां से ही खाद्यान्न प्राप्त हो सकेगा। पोर्टेबिलिटी व्यवस्था मिट्टी के तेल वितरण पर लागू नहीं होगी।
आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग ने डीएसओ को निर्देश दिए हैं कि इस सुविधा के लिए नगर क्षेत्र के सभी डीलरों को प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि पोर्टेबिलिटी द्वारा ट्रांजक्शन शुरू होने के बाद किसी भी दशा में खाद्यान्न का मेनुअल वितरण नहीं होगा। हर माह की 15 तारीख तक पोर्टेबिलिटी के माध्यम खाद्यान्न वितरण की समीक्षा के बाद उचित दर विक्रेता के स्टॉक का समायोजन किया जाएगा। माह की 18 तारीख को मध्यवर्ती चालान जारी करते हुए इसकी धनराशि बैंक में जमा करा दी जाएगी।
शासन के निर्देश पर अगले माह से राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब कार्डधारक अपने मनपसंद राशन डीलर के यहां से खाद्यान्न ले सकेंगे। यह खाद्यान्न आधार के जरिए फिंगर वेरिफिकेशन से ही मिल सकेगा।
-सुरेंद्र यादव, डीएसओ