सीडीओ हाथरस ग्रुप में 30 नवंबर को एक ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) ने रोके गए वेतन निकाले जाने के लिए तीन हजार रुपये प्रति माह विकास खंड कार्यालय और एक हजार रुपये विकास भवन में लिए जाने के आरोप लगाए हैं। सीडीओ ने इसका संज्ञान लिया है और वीडीओ को कार्यालय आकर पूरे मामले से अवगत कराने के लिए कहा है।
इस मेसेज के बाद ग्रुप में जुड़े अन्य ग्राम विकास अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। मनरेगा के तहत वेतन रोकने के आदेश जारी होते ही ब्लॉक मुरसान में तैनात ग्राम विकास अधिकारी यशपाल सिंह ने व्हाट्सएप ग्रुप ने यह मेसेज भेजा।
यशपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उसका चार माह का वेतन रुका हुआ है, जिसके लिए रकम मांगी जा रही है। अधिकांश लोगों का हर विकास खंड कार्यालय में ही रोका जाता है और बाबू बिना रकम लिए फाइल आगे नहीं बढ़ाता। विकास खंड कार्यालय से चला गया तो विकास भवन से आदेश नहीं होता। मनरेगा में मांगने पर कार्य दिया जाता है, जब गांव में ग्रामीण कार्य मांग नहीं रहे तो जबर्दस्ती नहीं की जा सकती है।
यशपाल सिंह ने ग्रुप में मेसेज डाला है। इसके आधार पर ग्रुप में वीडीओ से कार्यालय में आकर मामले को अवगत कराने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक कार्यालय में नहीं आया है। मामले की जानकारी कर जांच की जाएगी। -साहित्य प्रकाश मिश्र, सीडीओ।