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Hathras News: चंदपा में कूलर से करंट लगने पर बच्ची की मौत, नहीं कराया पोस्टमार्ट, परिवार में छाया मातम

Tue, 16 Jun 2026 02:40 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

माता-पिता उस समय घर पर नहीं थे। कमरे में चल रहे कूलर में अचानक करंट आ गया। वैष्णवी उसकी चपेट में आ गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। तुरंत बच्ची को एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
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बच्ची की करंट से मौत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंदपा कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला मंशा में भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए चलाया गया कूलर मासूम बच्ची के लिए काल बन गया। कूलर में दौड़ रहे करंट की चपेट में आकर 10 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया। 

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नगला मंशा निवासी बनी सिंह की 10 वर्षीय बेटी वैष्णवी सोमवार की रात को अपने छोटे भाई के साथ घर पर थी। भीषण गर्मी के कारण कमरे में लोहे का कूलर चल रहा था। इस दौरान अचानक कूलर की बॉडी में करंट उतर आया। मासूम वैष्णवी अनजाने में जैसे ही कूलर के संपर्क में आई, वह करंट की चपेट में आ गई और तड़पने लगी। 

बताया गया है कि घटना के समय बच्ची के माता-पिता किसी काम से घर से बाहर गए थे और घर पर केवल दोनों भाई-बहन ही मौजूद थे। अचानक बहन को करंट की चपेट में देख छोटा भाई चीख पड़ा। मासूम की चीख-पुकार और शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घर की तरफ दौड़े। ग्रामीणों ने किसी तरह बिजली की सप्लाई बंद कर बच्ची को कूलर से अलग किया।
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अचेत अवस्था में बच्ची को लेकर स्थानीय लोग तुरंत पास के एक निजी अस्पताल भागे। वहां बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन और ग्रामीण उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मासूम वैष्णवी को मृत घोषित कर दिया।

बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले गए परिजन
हादसे की सूचना मिलते ही रोते-बिलखते माता-पिता भी अस्पताल पहुंच गए। इकलौती बेटी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों के करुण क्रंदन से अस्पताल परिसर में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। रोते-बिलखते परिजन पुलिसिया कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराए बिना ही बच्ची के शव को घर ले गए। ग्रामीणों के अनुसार बनी सिंह के दो बच्चे थे, जिनमें वैष्णवी बड़ी थी और उससे छोटा एक बेटा है। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं।

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