दिवाली के अगले दिन शुक्रवार को गोवर्धन पूजा की धूम रही। शहर से लेकर कस्बों व देहात में घर-घर में गोबर से गोवर्धन महाराज बनाकर उनकी विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना की। मंदिरों में भी अन्नकूट प्रसादी का वितरण हुआ। पूजा अर्चना के बाद आतिशबाजी का धूमधड़ाका भी हुआ।
काफी लोग इस दिन गोवर्धन परिक्रमा के लिए भी गए। दोपहर को घर-घर में गोबर से गोवर्धन महाराज की आकृति बनाई गई। उसे आकर्षक रुप से सजाया गया। शाम को शुभ मुहूर्त में गोवर्धन महाराज की पूजा अर्चना का सिलसिला भी शुरू हो गया। घरों में परिवार के लोगों ने सामूहिक रूप से गोवर्धन महाराज को खील बतासे, खीर और अन्नकूट का भोग लगाया और परिक्रमा देते हुए गोवर्धन महाराज भक्ति गीत गाए।
इस दौरान भक्तों ने गोवर्धन महाराज के जमकर जय-जयकारे भी लगाए। इधर, शहर की श्रीकृष्ण गोशाला में बड़े गोवर्धन महाराज की पूजा अर्चना के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु श्री गोवर्धन महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रहैयो व मैं गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर, नाय माने मेरो मनुआ जैसे भक्ति गीत गाते हुए गोवर्धन महाराज की श्रद्धापूर्वक परिक्रमा लगाई। गोशाला को आकर्षक रूप से सजाया गया था। देर रात तक यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी।