सरवंश दानी धर्म रक्षक साहिब श्रीगुरु गोविंद सिंह महाराज के 359वें प्रकाशोत्सव पर शहर में सोमवार को नगर कीर्तन धूमधाम से निकाला गया। गतका पार्टियों ने रोमांचक करतब दिखाए तो पंज प्यारे के स्वरूप आकर्षण का केंद्र बने रहे। शहर में बोले सो निहाल, सतश्री अकाल की गूंज रही।
शहर के अलीगढ़ रोड स्थित गुरुद्वारा श्रीनानक दरबार से नगर कीर्तन में की शुरुआत सांसद अनूप प्रधान, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, डीएम अतुल वत्स, एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, समाजसेवी तजवंत कालरा, पूर्व विधायक राजवीर पहलवान, राम नारायण काके, रर्हस अहमद अब्बासी और विजय प्रेमी की उपस्थिति में हुई।
इससे पहले सिंहासन को फूलमालाओं से सुसज्जित करते हुए इसमें गुरु ग्रंथ साहिब को विराजमान किया गया। गुरु के पंज प्यारे, कीर्तन जत्थे, गतका पार्टियां, स्कूली जत्थे, फौजी बैंड, निहंग सिहों के जत्थे नगर कीर्तन की शोभा बढ़ा रहे थे। सभी ने रोमांचक करतब दिखाए। इस बीच जगह-जगह नगर कीर्तन का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जोशीला स्वागत किया गया। गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन करने के लिए संगत में होड़ लगी रही।
पंजाबी मार्केट स्थित सेठ हरचरनदास कन्या इंटर कॉलेज के बाहर विशेष झांकी का प्रदर्शन किया गया। नगर कीर्तन पंजाबी मार्केट, रामलीला मैदान, बैनीगंज, घंटाघर, नजिहाई बाजार, मोती बाजार, नयागंज, चक्की बाजार, सर्कुलर रोड, कमला बाजार, लक्ष्मी टाकीज, हनुमान चौक, रेलवे क्राॅसिंग, बागला कॉलेज मार्ग होते हुए गुरुद्वारा श्रीगुरुनानक दरबार पर पहुंचा।
यहां अटूट लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की तादाद में संगत प्रसाद ग्रहण किया। खालसा सेवा समिति की ओर से बाहर से आई संगत को सरोपा देकर सम्मानित किया। नगर कीर्तन के मद्देनजर शहर के बाजारों को तोरण द्वारों और गुब्बारों से सजाया गया।
सनातन धर्म का दिया संदेश
इस साल के नगर कीर्तन में सनातन धर्म से जुड़ी कई झांकियां शामिल की गईं। ये झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। माइक से विद्वान सनातन धर्म का महत्व बता रहे थे।
इनकी रही अहम भूमिका
नगर कीर्तन में गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी हरपाल सिंह भी मुख्य रूप से शामिल थे। संचालन सरदार नानक सिंह व रंजीत सिंह ने किया। जत्थेदार गुरुनाम सिंह आगरा, सेवादार हरवंश सिंह, राजेंद्र सिंह, कुलजीत सिंह, राजेश सिंह, चंद्रप्रकाश अरोड़ा,, विजय भाटिया, मनोहर लाल, गिर्राज सिंह, केपी सिंह, नरेंद्र ग्रोवर, लव ग्रोवर, संदीप, करतार सिंह, सरदार सुरजीत सिंह, हरवंश अरोड़ा, हैप्पी अरोड़ा आदि सेवादार भी शामिल रहे। अध्यक्ष तजवंत कालरा की अहम भूमिका रही।