अपर सत्र न्यायाधीश पंचम एवं विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सुरेंद्र मोहन सहाय के न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपी को दोषी माना है। न्यायालय ने अभियुक्त को दो वर्ष का कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक सदर कोतवाली प्रभारी द्वारा दाखिल आरोप पत्र में 27 जनवरी, 2015 को अकील निवासी मोहल्ला असावर इगलास जिला अलीगढ़ का गैंगस्टर चार्ट अनुमोदित कराया गया।
अकील पर शहर कोतवाली के अलावा जिले के हाथरस गेट, सासनी, सादाबाद, हसायन, हाथरस जंक्शन आदि में कुल 15 मुकदमे चोरी, लूट आदि दर्ज बताए गए। न्यायालय में अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कम से कम दंड देने की मांग की। पुलिस ने न्यायालय में दाखिल आरोप पत्र में अकील को गिरोह का सरगना बताया।
उसके साथ उसके आठ अन्य साथियों के नामों का भी उल्लेख चार्जशीट में किया गया है, जोकि उसके गैंग में शामिल होकर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने के लिए लोगों को डरा-धमकाकर अपने ऐशो आराम की वस्तुएं एकत्र करने का काम करते थे। न्यायालय ने अभियुक्त की जेल में बिताई गई अवधि को भी सजा में समायोजित करने का निर्णय लिया है।
वहीं सिकंदराराऊ के नगर के बहुचर्चित सोनी हत्याकांड में नामजद फरार चल रहे अफजल पहलवान ने सोमवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। मृतका के माता-पिता को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बता दें कि कुछ माह पूर्व नगर के मोहल्ला नौरंगाबाद निवासी युनिस जो कि मुंबई में रहकर कारोबार कर रहे थे।
उनकी पुत्री सोनी की मौत नगर में ही संदिग्ध हालात में हो गई थी। मामले में नया मोड़ उस समय आ गया जब मुंबई से आते समय रेल में बनाया गया सोनी का वीडियो वाईरल हो गया। वीडियों में सोनी ने माता पिता परिजनों पर आरोप लगाया था कि वे उसकी शादी प्रेमी के साथ नहीं करना चाह रहे है।
उसके न मानने के कारण उसकी हत्या करने के लिये सिकंदराराऊ ले जा रहे हैं। मामला उछला तो पुलिस ने कब्र से शव को निलवाकर पोस्टमार्टम कराया। वीडियो में लिये गए नामों को लेकर हत्या की रिपोर्ट कोतवाली पुलिस ने चौकीदार से दर्ज कराई थी।
इसके बाद पुलिस ने सोनी के माता-पिता को जेल भेज दिया, लेकिन बाकी के नामजद फरार चल रहे थे। मंगलवार को हत्या में नामजद कस्बा निवासी अफजल पहलवान ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बता दें कि मामले में नामजद कई लोग अभी तक फरार चल रहे हैं।