अपर जिला सत्र न्यायाधीश पंचम और विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद अधिनियम सुरेंद्र मोहन सहाय के न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपी को दोषी माना है। न्यायालय ने अभियुक्त को दो वर्ष के साधारण कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली सादाबाद पुलिस ने अभियुक्त आरिफ पुत्र नजर मोहम्मद निवासी रामपुर थाना चंडौस अलीगढ़ के खिलाफ धारा 2/3 यूपी गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम में निरुद्ध किया था, जिसमें पुलिस ने आरोप लगाया कि अभियुक्त सादाबाद कोतवाली क्षेत्र एवं अन्य जिलों में अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए अनुचित तरीके से धन अर्जित कर रहा है। इस दौरान उसके द्वारा हत्या का प्रयास और लूट आदि अपराध कारित किए गए हैं।
पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ दर्ज गैंग चार्ट भी अनुमोदित किया, जिसमें जिले में सादाबाद के अलावा मुरसान थाने में दर्ज मुकदमों का विवरण भी न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई में अभियुक्त ने अपने जुर्म का इकबाल किया, जिसके बाद न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया।
वहीं अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट राजेश्वरी टोलिया के न्यायालय ने लूट और जानलेवा हमले के दो आरोपियों को दोषमुक्त किया है। न्यायालय ने दोनों को धारा 437ए के अनुपालन में 50-50 हजार रुपये का निजी बंध पत्र और समान राशि की दो-दो प्रतिभूति दाखिल करने के आदेश दिए हैं, जो छह माह तक वैध रहेंगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली सासनी पुलिस को दी तहरीर में रवि पुत्र सुरेश तोमर निवासी कोटिया थाना मडराक अलीगढ़ ने कहा था कि वह बस संख्या यूपी 81 एएफ-1299 पर चालक है। 30 मई 2013 को बस लेकर दोपहर तीन बजे सासनी से अलीगढ़ जा रहा था। बस में काफी सवारियां थी।
बस के कंडक्टर अरविंद ने सवारियों से किराया ले लिया और बस में सवार विष्णु और संटी निवासी बसगोई सासनी हाथरस से किराया मांगा तो उन्होंने किराया नहीं दिया। इस दौरान वह गाली-गलौज करने लगे और अलीगढ़ पहुंचकर किराया दिए बिना ही बस से उतरकर चले गए और भविष्य में देख लेने की धमकी भी दी।
शाम को करीब साढ़े छह बजे शाम वह बस वापस अलीगढ़ से लौटकर आ रहा था। बस को समामई पर रोककर सवारियां उतार रहा था। तभी विष्णु और संटी बस में घुस आए। आते ही परिचालक से इन लोगों ने 3,570 रुपये से भरा बैग छीन लिया।
विरोध करने पर इन लोगों ने डंडों और तमंचे से जान से मारने की नीयत से उसके ऊपर फायर किया, जिससे वह और बस में बैठी सवारी प्रशांत को गोली लग गई और दोनों घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था, लेकिन न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में दोनों आरोपियों को आरोप मुक्त करार दिया है।