सांकरा में गंगा नदी खतरे के निशान पर चल रही है और जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार सुबह तक गंगा का पानी घरों तक पहुंचने की आशंका गहरा गई है। टप्पल में यमुना नदी का पानी गांवों के मुहाने पर पहुंच गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। लोगों को गंगा और यमुना किनारे नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।
नरौरा बैराज से शुक्रवार शाम तक छोड़ा गया पानी 2.21 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। रात आठ बजे पानी बढ़कर करीब 2.33 लाख क्यूसेक पहुंच गया है।इस वजह से सांकरा में गंगा खतरे के निशान पर चल रही है।
हरिद्वार और नरौरा से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की आशंका है, जिसे देखते हुए गंगा का पानी जो अभी तक खेतों और लोगों के घेर तक पहुंचा हुआ है, आज रुस्तम नगर गांव में गंगा का पानी घेर तक पहुंच गया है, जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ा तो शनिवार सुबह कई गांवों के घरों तक पहुंचने की आशंका जताई है। लोगों ने खेतों और घरों से जरूरी सामान को हटा दिया। ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
17 किलोमीटर लंबी पट्टी में सजगता
लेखपाल नरेश यादव ने राजस्व विभाग के कर्मियों के साथ प्रभावित गांवों का दौराकर बताया कि प्रशासन संभावित बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। गंगा पट्टी के 17 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अलर्ट जारी किया हुआ है, बाढ़ संभावित एक दर्जन से अधिक गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बाढ़ चौकी में जरूरी सामान जमा किए
सांकरा स्थित श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में अस्थायी बाढ़ चौकी में जरूरी सामान जमा करा दिए गए हैं। ग्रामीणों से अपील की कि वे गंगा नदी के किनारे न जाएं। बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका वाले गांवों में सांकरा, दीनापुर, टोडरपुर, हमीदपुर, बबरौतिया, सीसई, गहतोली, रुस्तम नगर, आलिया नगला, किसतौली, सीकरी, नवीपुर और हारनपुर कलां शामिल हैं।
यमुना का पानी अभी आबादी से थोड़ी दूर
टप्पल में यमुना नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है और गांवों के मुहाने पर पहुंच गया है। ग्रामीणों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है। एसडीएम शिशिर कुमार सिंह ने शुक्रवार को अपराह्नन बाढ़ संभावित गांव महाराजगढ़, लालपुर और जिले के अंतिम गांव शेरपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यमुना का जलस्तर अभी आबादी से थोड़ी दूर है और कुुछ खेतों में पानी भरा हुआ है। सुरक्षा के लिए महाराजपुर के पास अनाज मंडी में बाढ़ चौकी स्थापित की गई है, जिसमें बाढ़ राहत की सामग्री लाइफ जैकेट, स्ट्रक्चर रखे गए हैं। बाढ़ चौकी में मॉनिटरिंग टीम 24 घंटो यमुना न दी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
गंगा नदी में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है, जो 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। गंगा नदी फिलहाल खतरे के निशान के नीचे चल रही है। किसी भी स्थिति सेस निपटने के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। सुमति सिंह एसडीएम अतरौली।