ट्रैक्टर-ट्रॉली में भक्त सोरों गंगा घाट के लिए जाते और आते हुए दिखाई दिए। इस बीच कई थाने व पुलिस चौकियां पड़ती हैं। लेकिन कहीं भी ने इन्हें नहीं रोका। यह हाल तो तब है कि जब पिछले साल कानपुर में हुए एक हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
शुक्रवार रात सादाबाद जलेसर मार्ग पर हुए सड़क हादसे के बाद भी न तो लोग जाग रहे हैं और न ही पुलिस प्रशासन की नींद टूट रही है। शनिवार के बाद रविवार को भी माल ढोने वाले वाहन सवारिंया ढोते हुए नजर आए।
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शुक्रवार रात सादाबाद जलेसर मार्ग पर गोवर्धन परिक्रमा के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली में कंटेनर ने टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई थी और इसमें छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, करीब 14 लोग घायल हुए थे। शनिवार को भी माल ढोने वाले वाहन सवारियां लेकर जाते हुए दिखे थे,रविवार को भी जिलेभर में सड़कों पर हाल दिखा। सासनी क्षेत्र में कई ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवारियां दिखाई दीं। कांवड़ लेने जा रहे कांवड़ियां ट्रैक्टर-ट्रॉली और छोटे माल ढोने वाले वाहनों में डीजे के साथ बैठकर जा रहे थे।
ऐसा ही नजारा मथुरा बरेली राजमार्ग पर देखने को मिला। यहां ट्रैक्टर-ट्रॉली में भक्त सोरों गंगा घाट के लिए जाते और आते हुए दिखाई दिए। इस बीच कई थाने व पुलिस चौकियां पड़ती हैं। लेकिन कहीं भी ने इन्हें नहीं रोका। यह हाल तो तब है कि जब पिछले साल कानपुर में हुए एक हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।