संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों पर खर्च हुई धनराशि के सापेक्ष कार्य पूर्ति प्रमाण व उपभोग प्रमाण पत्र नहीं उपलब्ध पर शासन ने नाराजगी जताई है। शासन ने जिले की आधा दर्जन ग्राम पंचायतों में विभिन्न निर्माण कार्यों के कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र और धनराशि का उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में प्रमाण पत्र नहीं मिलने पर कार्य को वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना जाएगा।
जिले की ग्राम पंचायतों में विभिन्न निधियों के माध्यम से विकास कार्य कराए जाते हैं। इनमें होने वाले निर्माण कार्य पर खर्च होने वाली धनराशि का उपभोग प्रमाण पत्र व कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र भी संबंधित सचिव व ग्राम प्रधान के माध्यम से जिला पंचायतराज विभाग व ऑनलाइन शासन को भेजा जाता है। इस क्रम में ग्राम पंचायत नगला नंदू, नगला फतेला, नसीरपुर, सलेमपुर व तसींगा में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत वर्ष 2018-19 में बने पंचायत भवन निर्माण के लिए उपलब्ध धनराशि उपभोग प्रमाण पत्र व फोटोग्राफ उपलब्ध नहीं हो सके। शासन ने इन पंचायत भवनों के निर्माण में खर्च धनराशि व फोटोग्राफ तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायत ताजपुर, ग्राम पंचायत कचौरा, ग्राम पंचायत दरकौली में वर्ष 2018-19 में बने अन्त्येष्टि स्थलों के कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र, एमबी, फोटोग्राफ भी उपलब्ध नहीं हो सके हैं। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने ग्राम प्रधान व सचिव को तत्काल प्रमाण पत्र उपलबध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रमाण पत्र न मिलने की दशा में धनराशि को दुरुपयोग व गबन मानते हुए कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।