पंजाब होटल एंड बार सासनी गेट हाथरस में गेटों के लगे ताले तोड़कर कोई व्यक्ति पंजाब होटल की 25 जुलाई को हुई बिक्री के छह हजार रुपये, रसोई के आठ भगोने पीतल के, दो परात पीतल की, दो भगोने सिल्वर के, दो कड़ाही चोरी करके ले गए थे। मामले में 26 जुलाई 2019 को तहरीर दी गई।
सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय ने पंजाब होटल एंड बार में चोरी करने के दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए चार साल छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर के खातीखाना चौराहा निवासी कपूरचंद्र वर्मा पुत्र भगवती प्रसाद ने शहर कोतवाली में 26 जुलाई 2019 को एक तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने कहा था कि वह पंजाब होटल एंड बार सासनी गेट हाथरस में प्रबंधक के तौर पर कार्यरत हैं। 25 जुलाई 2019 की रात लगभग 11:30 बजे वह होटल को बंद कराकर घर चले गए थे। सुबह लगभग पांच बजे मुझे पता चला कि पंजाब होटल एंड बार के मुख्य गेट और किचन की ओर के गेटों के लगे ताले तोड़कर कोई व्यक्ति पंजाब होटल की 25 जुलाई को हुई बिक्री के छह हजार रुपये, रसोई के आठ भगोने पीतल के, दो परात पीतल की, दो भगोने सिल्वर के, दो कड़ाही चोरी करके ले गए हैं। होटल के सामने दुकान पर मौजूद चौकीदार से उन्हें इसकी सूचना मिली।
उन्हें आशंका है कि इसमें कोई गिरोह शामिल है। इस मामले में कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आकाश, सीताराम और फराहीम को गिरफ्तार किया। इस मामले में विवेचक ने आकाश व सीताराम के विरुद्ध न्यायालय में आईपीसी की धारा 457, 380, 411 के तहत आरोपपत्र दाखिल कर दिया। सह अभियुक्त फराहीम के विरुद्ध आईपीसी की धारा 411 व 413 के तहत न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियुक्त आकाश व सीताराम की ओर से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
विज्ञापन
इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों की पत्रावली सात दिसंबर 2023 से अभियुक्त फराहीम से पृथक कर दी। इस मामले की सुनवाई जनपद एवं सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आकाश पुत्र दिनेश वाल्मीकि निवासी मोहल्ला कर्र, थाना कोतवाली सदर, सीताराम पुत्र धर्मपाल निवासी जलेसर रोड थाना कोतवाली सदर को दोषी करार देते हुए चार साल छह माह कैद की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजपाल सिंह दिसवार ने की।