यमुना में डूबने से कान्हा और महक की मौत
- फोटो : फाइल फोटो
आगरा के यमुना में नहाने के लिए 19 वर्षीय महक पुत्री कालीचरण, 22 वर्षीय कान्हा पुत्र रिंकू सिंह, 20 वर्षीय अंशु पुत्री कालीचरण निवासी कुंजनपुर, थाना सादाबाद और 17 वर्षीय रिया पुत्री मनोज, 11 वर्षीय विक्की पुत्र राकेश आए थे। महक , रिया ,कान्हा, काजल, अंशु को यमुना नदी से बाहर निकाल लिया गया है। इन सभी को उपचार के लिए एसएन अस्पताल की इमरजेंसी भेजा गया, जहां उपचार के दौरान कान्हा, महक और रिया की मौत हो गई। वहीं विक्की की लाश भी यमुना से निकाल ली गई।
छह माह पहले पिता आकाश की हार्ट अटैक से मौत हुई थी, अब मंगलवार को आगरा में यमुना बेटे कान्हा को निगल गई। आगरा हादसे से नत्थीलाल का परिवार गहरे सदमे में है। छह महीने के भीतर पहले पति और अब बेटे को खोने के बाद रेखा सुध-बुध खो बैठी है।
नत्थीलाल ने मेहनत मजदूरी से ही परिवार को पाला। सात बेटियों के बीच आकाश उनका इकलौता बेटा था। वही पूरे परिवार की देखरेख करता था। दोनों पिता-पुत्र सात बहनों में से सबसे छोटी की शादी की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच छह महीने पहले आकाश की मौत हो गई। आकाश के दो बेटे व एक बेटी में से कान्हा सबसे बड़ा था। पिता के जाने पर कान्हा ने ही परिवार को हिम्मत बंधाई थी और कहा था कि वह पढ़ाई पूरी कर सभी को संभालेगा। मंगलवार की सुबह जैसे ही हादसे की खबर मिली परिजन आनन-फानन यमुना घाट और फिर वहां से अस्पताल पहुंचे। कान्हा की मौत की खबर से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
अंतिम परीक्षा से पहले झपट ले गई मौत
कान्हा दयालबाग में बैचलर ऑफ वोकेशन इन सोलर एनर्जी का कोर्स कर रहा था। आने वाले समय में सोलर एनर्जी में अच्छे अवसर की उम्मीद में उसने प्रवेश लिया था। मंगलवार की दोपहर एक बजे उसे सेमिस्टर का अंतिम पेपर देने जाना था। उससे पहले वह भाई-बहनों के साथ यमुना नहाने चला गया और पेपर देने से पहले हादसा हो गया।