विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) रामप्रताप सिंह के न्यायालय ने दहेज हत्या के मामले में पति, सास, ससुर सहित चार आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जनपद आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र के भोगीपुरा निवासी मैना देवी की बेटी निशा की कोर्ट मैरिज तीन अगस्त 2019 को रोहित पुत्र राजेश कुमार निवासी नगला रतिया थाना सहपऊ के साथ हुई थी। विवाह के बाद से ही ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर निशा को उत्पीड़ित करने लगे थे। इसकी शिकायत कई बार निशा ने मायके पक्ष के लोगों से भी की थी। 15 जून 2021 को गांव के ही एक व्यक्ति ने फोन पर मायके में जानकारी दी कि ससुरालियों ने निशा की हत्या कर दी है और उसके शव को जला दिया है।
जब निशा की मां और अन्य परिजन वहां पहुंचे तो घर पर ताला लटका हुआ था। ससुराल वाले फरार थे। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने विवेचना करने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) राम प्रताप सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी पति रोहित, जेठ राहुल, सास माया देवी और ससुर राजेश को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।