किस मकसद से रखी थी नकली करेंसी, इस सवाल को सुलझाने में जुटी पुलिस
पूर्व में भी जिले में बरामद हुए हैं नकली नोट, इन्हें खपाने वाला रैकेट यहां भी रहता है सक्रिय
हाथरस। निकटवर्ती गांव लाढ़पुर में एक दुकानदार के पास लाखोें की नकली करेंसी बरामद होने से स्थानीय पुलिस प्रशासन सकते में आ गया है। आखिर इस दुकानदार पर इतनी बड़ी तादाद में नकली करेंसी कैसे पहुंची और जिन लोगों ने इसे पहुंचाया, उनका क्या मकसद है। यह जानने में पुलिस लगी है। वैसे यहां समय-समय पर नकली करेंसी को बाजार में खपाने की कोशिश होती रही है, लेकिन नकली करेंसी खपाने वाले रैकेट तक पुलिस नहीं पहुंच पाई।
रविवार की दोपहर पुलिस ने निकटवर्ती गांव लाढ़पुर में एक दुकान पर एक सूचना के तत्काल बाद छापा मारा और दुकानदार के काउंटर से नकली नोट बरामद कर लिए। सूचना इतनी सटीक थी कि पुलिस को वहां ज्यादा तलाशी की जरूरत ही नहीं पड़ी। सूत्रों की मानें तो पुलिस को यह तक बताया गया कि नोट मिठाई के डिब्बे में हैं। खुद जब पुलिस ने इन नोटों की संख्या गिनी तो पुलिस खुद हतप्रभ रह गई। यह करेंसी लाखों में थी।
इतनी करेंसी का जलेसर रोड पर पड़ने वाले गांव में एक दुकान पर आखिर क्या हो रहा था, यह सवाल अभी पहेली बना हुआ है। दुकानदार इसका सटीक जवाब नहीं दे रहा और पुलिस इस उलझन में है कि आखिर जलेसर और हाथरस के बीच पड़ने वाले इस छोट कस्बे के रेडीमेड दुकानदार के यहां करेंसी कैसे पहुंची। दुकानदार पुलिस को कुछ भी स्पष्ट नहीं बता रहा। जो नोट मिले हैं, वह फोटो स्टेट किए हुए हैं। वैसे यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी यहां नकली करेंसी पकड़ी गई है। पिछले महीने ही एक हौजरी विक्रेता के यहां 200 रुपये का एक नकली नोट मिला था। गौर से देखने में वह फोटो स्टेट निकला। ऐसे में यहां कई बार नकली करेंसी को खपाने की कोशिश हुई है। अब लाढ़पुर में जिस तरह से नकली करेंसी मिली है, उसके बारे में भी माना जा रहा है कि वह मार्केट में खपाने के मकसद से वहां रखी होगी।
एक जैसे नंबर हैं नोटों पर, कागज की क्वालिटी खराब
हाथरस। पुलिस की मानें तो दो हजार, 500 व 100 के नोट फोटो स्टेट किए हुए मिले हैं। इसमें दो हजार पर एक ही नंबर है तो पांच सौ पर एक ही नंबर है और 100 पर भी एक ही नंबर है। कागज की क्वालिटी भी काफी घटिया है। देखने से यह नोट फोटो स्टेट किए हुए ही प्रतीत होते हैं। इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है कि नोट फोटो स्टेट किए हैं।
सूचना देने वाले से भी पूछताछ जारी
हाथरस। कोतवाली हाथरस जंक्शन के एसएसआई विपिन यादव ने अपनी टीम के साथ यह छापेमारी की थी। इस बारे में जब पुलिस को दुकानदार कुछ नहीं पता सका तो रात्रि में पुलिस ने सूचना देने वाले को ही थाने बुलवा लिया। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही थी कि आखिर उसे कहां से सूचना मिली कि दुकान में यह नोट रखे हैं। पुलिस मामले की तह में जाने में लगी थी।