अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या द्वितीय माधव सिंह ने जानलेवा हमले के 16 वर्ष पुराने मामले में पांच अभियुक्तों को दोष सिद्ध करते हुए सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। पूर्व प्रधान ने अपने साथियों के साथ मिलकर वादी के बेटों पर हमला किया था, जिसमें एक बेटे के गोली लग गई थी।
टटी डंडिया, सिकंदराराऊ निवासी सरमन सिंह ने सिकंदराराऊ कोतवाली में 12 अक्तूबर 2010 को गांव के ही धर्मवीर, वीरपाल, होतीलाल तथा सगे भाई पप्पन व सुखवीर उर्फ सूखा के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सरमन सिंह ने बताया कि 10 अक्तूबर की रात पूर्व प्रधान होती ने फोन कर उन्हें काम से नगला पूर्वी बुलाया था।
उन्होंने अपने बेटे अरविंद, विनय व रवि को वहां भेज दिया था। सरमन ने बताया कि होती व उसके चारों साथी पहले से घात लगाकर बैठे थे। बेटों के वहा पहुंचते ही इन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें रवि कुमार के गोली लग गई। फायरिंग की आवाज सुन ग्रामीण मौके पर दौड़े। आरोपी वहां से भाग खड़े हुए। रवि को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया था। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार किया और चार्जशीट दाखिल की।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या द्वितीय ने मंगलवार को सबूत व गवाहों के आधार पर पांचों अभियुक्तों को दोष सिद्ध किया। जानलेवा हमले में धर्मवीर, वीरपाल, होतीलाल व सगे भाई पप्पन व सुखवीर उर्फ सूखा को सात-सात साल की कैद व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। धारा 147 में एक-एक वर्ष के कठोर कारावास, एक-एक हजार रुपये अर्थदंड और धारा 148 में दो-दो साल की कैद व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।