फौजी व शिक्षक से बर्बरता करने पर दो एसआई सहित पांच पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
एक फौजी का भाई है संघ का पदाधिकारी, ऐसे में भाजपा नेताओं के मुखर होने पर हुई कार्रवाई
मुरसान पुलिस ने दो फौजियों व एक शिक्षक को थाने में ले जाकर जमकर पीटा था
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मुरसान कोतवाली पुलिस द्वारा दो फौजियों व शिक्षक को जमकर मारने पीटने और टार्चर करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने दो दरोगा व तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है और इस मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी है। पुलिस की बर्बरता का पीड़ित एक फौजी का भाई आरएसएस में पदाधिकारी है। इसके चलते इस मामले में जब भाजपा नेता मुखर हुए और अधिकारियों के समक्ष यह मसला उठाया, तब यह कार्रवाई हुई है।
उल्लेखनीय है कि कस्बा मुरसान निवासी मोहित पुत्र सीताराम, कपिल पुत्र विजय सिंह व कपिल यादव पुत्र राजेंद्र यादव निवासीगण मुरसान बुधवार की रात्रि में जब मेला श्री दाऊजी महाराज से वापस लौट रहे थे तो दयालपुर के निकट पेट्रोल पंप के पास इन्हें मुरसान पुलिस ने रोक लिया था। मोहित व कपिल फौज में हैं, जबकि कपिल यादव प्राइमरी स्कूल में अध्यापक है। इन तीनों को पुलिस ने बिना वजह परेशान किया। आरोप है कि उसके बाद इन्हें पुलिस थाना मुरासन ले गई थी और वहां तीनों को जमकर मारा-पीटा था और टॉर्चर किया था। इनके काफी गहरे चोट के निशान हैं।
वैसे पुलिस का कहना था कि इन तीनों ने पुलिस टीम से अभद्रता की थी, तब इन्हें शांति भंग में गिरफ्तार किया गया था। बताते हैं कि मोहित का भाई संघ में पदा धिकारी है। पुलिस की इस बर्बरता की जानकारी मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, भाजयुमो जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह भी सक्रिय हो गए। इस मामले की शिकायत डीम से की गई तो डीएम ने इन तीनों के चिकित्सकीय परीक्षण के आदेश दिए। डीएम से कोतवाली निरीक्षक मुरसान सहित कुछ दरोगा व सिपाहियों के खिलाफ तहरीर देते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई थी। इन तीनों का गुरुवार को चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया।
तदुपरांत भाजयुमो जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह एसपी से मिले और भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य ने भी एसपी से बातचीत की। अब एसपी ने इस मामले में दो एसआई अखंडानंद उपाध्याय, इजहार अहमद के अलावा तीन कांस्टेबल भागमल सिंह, अश्वनी कुमार व मनोज कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा का कहना है कि इस मामले में जांच की जा रही है। जांच प्रभावित न हो, इसके चलते इन्हें लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच भी वही कर रहे हैं।