पराग डेयरी में बनी गोशाला में चल रहा बीमार गाय का उपचार।
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सासनी। पराग डेयरी परिसर में बनी अस्थायी गोशाला प्रशासन के लिए मुसीबत बन गई है। डीएम के मुआयने के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। गोशाला में बंद पशु भूख-प्यास से तड़प रहे हैं। आवारा जानवर पशुओं को अपना ग्रास बना रहे हैं, जिससे गोशाला में गोवंश की संख्या तेजी से घट रही है। रविवार को भी पराग डेयरी में बनी गोशाला में पांच गोवंश की मौत हो गई है। हालांकि प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी और मरे हुए पशुओं को कर्मियों ने दफन करवा दिया था।
राज्य सरकार के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए अस्थायी गोशालाएं बनवाई हैं। कुछ समय तो इन गोशालाओं का संचालन ठीक-ठाक रहा, लेकिन लोकसभा चुनाव की व्यस्तता में प्रशासन इन गोशालाओं को भूल गया।
नतीजा, गोशालाओं में अव्यवस्थाओं का बोलबाला हो गया। गोशालाओं में प्रशासन पशुओं के लिए दाना, पानी और रखरखाव भूल गया। पशुओं का भूख प्यास से तड़पकर मरने का सिलसिला शुरू हो गया, जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि डीएम के मुआयने के बाद प्रशासन हरकत में आया और गोशाला में संसाधन जुटाने की कोशिश शुरू की गई।