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हाथरस के डीपीआरओ दफ्तर में अग्निकांड: पहले इसी कार्यालय में लगी आग और अब हो गई चोरी

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हाथरस: विकास भवन में चोरी के बाद सीसीटीवी फुटेज देखते सीडीओ। - फोटो : HATHRAS
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.....पहले इसी कार्यालय में लगी आग और अब हो गई चोरी
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स्वच्छ भारत मिशन के दस्तावेजों को गायब करना ही था चोरी का मकसद
किसी बड़ी कार्रवाई से बचने के लिए विभाग के ही किसी कार्मिक की मानी जा रही करतूत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। पंचायत राज विभाग का कार्यालय इस समय सुर्खियों में हैं। पिछले दिनों इस कार्यालय में संदिग्ध अवस्था में आग लगी थी और अब चोरी हो गई। दिलचस्प पहलू यह है कि दोनों बार स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े दस्तावेजों को ही निशाना बनाया गया है। ऐसे में यह बात निश्चत है कि किसी बड़ी कार्रवाई से बचने के लिए विभाग के ही कुछ कार्मिक इस तरह की करतूतों को अंजाम दे रहे हैं।
पंचायतराज विभाग के एक कक्ष में पिछले माह संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी। इस आग में कई महत्वपूर्ण पत्रावलियां जल गई थी। वहीं एक कम्प्यूटर में भी आग लग गई थी। इस कम्प्यूटर के डाटा को सुरक्षित मंगाने के लिए विभागाध्यक्ष ने हार्डडिस्क का आगरा लैब भेजा था, लेकिन आग की वजह आज तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। हैरानी की बात यह है कि जिस कक्ष में आग लगी थी, उस कक्ष में भी स्वच्छ भारत मिशन के दस्तावेज रखे थे। काफी दस्तावेज उस समय जल गए थे। अब स्वच्छ भारत मिशन के बार रूम में चोरी हुई। इसमें से भी स्वच्छ भारत मिशन के सिस्टमों को ही चोरी कर लिया गया। इसमें स्वच्छ भारत मिशन का महत्वपूर्ण डाटा फीड था।
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ऐसे में यह तय है कि यह वारदात कोई सामान्य चोरी नहीं है। चोरी को मकसद ही इस डाटा को चुराना था और इसमें चोर सफल भी हुए। आखिर स्वच्छ भारत मिशन के इस डाटा को चोरी करने का क्या मकसद है, ऐसे में पुलिस अधिकारियों के जहन में तरह तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। माना यह जा रह है कि निश्चित रूप से स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले दिनों हुए डस्टबिन घोटालें व अन्य मदों के माध्यम से खर्च हुए धनराशि के रिकॉर्डों को गायब करने की साजिश हो सकती है। यदि यह रिकॉर्ड रहता है तो कुछ लोगों को इस बात का डर था कि उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती थी।
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