धुएं के कारण काफी देर तक तो यह समझ नहीं आया कि आग किस तल पर लगी है। सूचना पर अग्निशमन विभाग के तीन वाहन मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने जैसे-तैसे शटर खुलवाया, लेकिन दुकान धुएं से भर चुकी थी। शटर खुलते ही आग की लपटें निकलने लगीं। एक बार को पहली मंजिल पर भगदड़ मच गई।
दमकल कर्मियों ने जैसे-तैसे लपटों पर काबू पाया। धुएं के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। आग बिजली के तारों के कारण दुकान के ऊपर दूसरी मंजिल पर बने कमरे तक पहुंच गई। वहां भी रिंकू अग्रवाल का माल रखा हुआ था। दमकल कर्मियों ने गोदाम का दरवाजा तोड़ा तथा आग पर काबू पाया।
वेंटिलेशन न होने के कारण भर गया धुआं
चेतन कांप्लेक्स में वेंटिलेशन शून्य है। ऊपरी मंजिल पर जाने के लिए एक ही रास्ता है। इसके अलावा दूसरी मंजिल पर लगे जाल को बारिश के कारण ऊपर से फाइबर शीट लगाकर ढंक दिया गया है। धुआं केवल सामने की तरफ से बाहर निकल सकता था। इस कारण सभी दुकानों व ऊपर की मंजिल के कमरों में धुआं भर गया। दमकल कर्मियों का भी दम घुट रहा था। इस कारण आग बुझाने में देरी हुई।
दुकानदारों ने निकाला सामान
आग से आसपास के दुकानदारों में भी खलबली मच गई। आनन-फानन व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानें खोलीं और उसमें रखे गत्ते व अन्य ज्वलनशील सामान को निकालकर बाहर किया। आग बुझने तक दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें के पास ही बने रहे।