गोशाला के संचालन में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने ग्राम पंचायत पचौ के प्रधान भरत सिंह के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। अब ग्राम पंचायत का कामकाज जिला प्रशासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति देखेगी।
बता दें कि बीती सात जनवरी को खंड विकास अधिकारी सिकंदराराऊ ने पचौ स्थित अस्थायी गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गोशाला में कमियां पाईं गई थीं। बीडीओ ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। इस रिपोर्ट पर डीएम ने 14 जनवरी को ग्राम प्रधान भरत सिंह को नोटिस जारी कर चार बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा। ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण साक्ष्य और तथ्यों से परे पाया गया। इसके बाद डीएम ने ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं।
डीएम के आदेशानुसार जब तक अंतिम जांच पूरी नहीं हो जाती और प्रधान आरोपों से मुक्त नहीं हो जाते, तब तक वे सरकारी धन की निकासी नहीं कर पाएंगे। प्रशासनिक निर्णय नहीं ले सकेंगे। पंचायत के कार्यों के लिए तीन सदस्यों की समिति गठित की जा रही है। प्रकरण की जांच के लिए अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत) को नोडल अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता को तकनीकी जांच अधिकारी नामित किया गया है। दोनों अधिकारी 15 दिन के अंदर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में जमा कराएंगे।