हाथरस। विकास भवन में जिला पंचायत की बजट बैठक में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। यह बैठक महज आधा घंटे में ही निपट गई। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी का दावा है कि बैठक में सर्व सम्मति से बजट अनुमोदित हो गया। वही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने इस बैठक को अवैध करार देते हुए कहा है कि यह बैठक ही नहीं हुई। बैठक से पहले समितियां गठित होनी चाहिए थी। जब समितियां ही वैध तरीके से गठित नहीं हुई तो बैठक कैसे हो सकती है।
जिला पंचायत की एक बैठक विकास भवन सभागार में बुधवार को बुलाई गई थी। यह बैठक शुरू हो पाती इससे पहले ही बैठक में हंगामा शुरू हो गया। एक पक्ष ने बैठक को पूरी तरह से अवैध करार दिया और वहां काफी शोर गुल मचा। इसके बाद वहां से जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य व अधिकारी चले आए। इस बारे में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत हाथरस का कहना है कि बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने बैठक में सदस्यों की जिज्ञासाओं को अवगत कराते हुए कहा कि जो उच्च न्यायालय इलाहाबाद में जिला पंचायत के टेंडर व निर्माण कार्य कराए जा रहे है,उसके संबंध में अंतरिम आदेश के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिसका पूरी तरह से अनुपालन किया जाएगा। जो न्यायालय के अंतरिम आदेश होंगे वह सभी को मान्य होंगे। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष ओमवती यादव ने बैठक की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद बैठक की पुष्टि की गई। उनके अनुसार बैठक में वर्ष 2018-19 का पुनरीक्षित बजट 52,06,87,861 की आय के सापेक्ष 49,40,81,467 के व्यय का प्राविधान किया गया है। इसी प्रकार मूल बजट वित्तीय वर्ष 2019-20 का 32,05,71,394 की आय के सापेक्ष 29,03,90,000 के व्यय का अनुमान किया गया। इसका सर्व सम्मति से सदस्यों से अनुमोदन किया गया। इसी प्रकार मनरेगा लेबर बजट वित्तीय वर्ष 2019-20 को 28,00,00,000एवं जिला पंचायत की जिला योजना 27,00,00,000 तथा जिला पंचायत की कार्ययोजना 26,00,00,000 सर्वसम्मति से अनुमोदित की गई।
वही दूसरी ओर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, जो कि वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य भी है विनोद उपाध्याय का कहना है कि बैठक केवल कागजों पर हुई है। विकास भवन में कोई बैठक नहीं हुई। जब तक समितियों का गठन नहीं हो जाता तब तक किसी भी बैठक का कोई औचित्य नहीं है। जब कि आज की बैठक के एजेंडे के तहत प्रस्तावों को मांगा जा रहा था, तो कार्य योजना तैयार कैसे कर ली गई। किसी भी सूरत में कोई गलत कार्य नहीं करने दिया जाएगा। मैंने अपनी आपत्ति डीडीओ को दर्ज करा दी है। इस मौके पर जिला पंचायत के कई सदस्य, विधायक व विभागीय अधिकारी मौजूद थे।