शहर से गांव तक संक्रामक बीमारियों की दहशत है। घर-घर लोग चारपाई पर बीमार पड़े हैं। दस दिन के अंदर हसायन और सादाबाद में चार बच्चों की बुखार से हुई मौत के चलते लोग दहशत में हैं।
सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे। मजबूरी में नर्सिंग होम और निजी चिकित्सकों के यहां लंबी लाइनें लग रही हैं। घर में एक साथ तीन-चार लोगों के डायरिया, बुखार की चपेट में आने से गरीब परिवार का इलाज कराने में कर्जदार हो रहे हैं।
बारिश और फिर तेज धूप के साथ उमस ने संक्रामक बीमारियां बढ़ाई हैं। जिला अस्पताल में संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की संख्या एक हजार से ऊपर पहुंच चुकी है। क्या बच्चे और क्या युवा सभी चपेट में हैं। बुजुर्ग भी संक्रामक बीमारियों से परेशान डाक्टरों के पास लाइन लगाए नजर आ रहे हैं।
हाथरस के एक नर्सिंग होम में अपने तीन परिजनों का इलाज करा रहे रामकुमार ने बताया कि घर पर रुपये नहीं थे। एक परिचित से पांच हजार रुपया कर्ज लेकर आए थे। वह खर्च हो गया। फिर बात की है ताकि और कर्ज मिल जाए।
मरीजों का आरोप है कि नर्सिंग होम के मेडिकल स्टोर में मरीजों से दवाओं में अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। यह हालत अधिकांश तीमारदारों की है। गंदगी, जलभराव इसका बड़ा कारण बन रहा है।