ब्लॉक हाथरस में बाल पोषाहार के तहत चने की दाल वितरण में अफसरों ने स्वयं सहायता समूहों के जरिए घालमेल किया। जांच में सामने आया है कि अफसरों की जब एक स्वयं सहायता समूह से बात नहीं बनी तो दूसरे के खाते में धनराशि भेजकर निकासी कर ली गई।
इसके अलावा पसंदीदा स्वयं सहायता समूहों को एक साथ छह या उससे अधिक ग्राम पंचायतों के आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों को दाल वितरण की जिम्मेदारी सौंप दी गई। मामले में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की संलिप्तता सामने आ रही है।
कोरोना काल में वर्ष 2020 में आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों को चने की दाल वितरण के लिए स्वयं सहायता समूहों के खाते में धनराशि भेजी गई थी। इस धनराशि को अफसरों व कर्मचारियों ने आपस में बंदर बाट कर दाल का वितरण नहीं किया। इस मामले में सुर्खियों में आने के बाद ब्लॉक स्तर से जांच में भी खानापूर्ति की जा रही है।
हैरानी की बात यह है कि इस दाल वितरण की जिम्मेदारी ब्लॉक को ही दी गई थी। बीडीओ रीता सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि दाल वितरण के लिए शिवानी स्वयं सहायता समूह जाफराबाद के खाते में दिसंबर 2020 में ग्राम पंचायत गढ़ी बलना, गढ़ी धारु, गढ़ी दूधाधारी, ग्वांरऊ कलां, हाजीपुर, जाफराबाद तथा कैमार के 22 हजार रुपये प्रति ग्राम पंचायत के हिसाब से 1,54,000 रुपये रुपया जमा किए गए।
इसके बाद संलिप्त अफसरों ने धनराशि को बहुजन समाज महिला स्वयं सहायता समूह मिर्जापुर के खाते में ट्रांसफर करा लिया। मनमाने तरीके से बंदरबाट न होने की स्थिति में श्री गणेशाय महिला स्वयं सहायता समूह वरवाना के खाते में धनराशि ट्रांसफर करा दी गई। इसके बाद खाते से धनराशि निकालकर आपस में बांट ली गई
इसी तरह अफसरों ने अपने पंसदीदा स्वयं सहायता समूहों के खातों में एक साथ 6-6 या उससे भी अधिक ग्राम पंचायतों में चने की दाल वितरण के लिए धनराशि का हस्तांतरण किया। अफसरों ने जय भीम स्वयं सहायता समूह नगला बेरिया के खाते में ग्राम पंचायत बघना, भोपतपुर, बोनई, चंद्रगढ़ी, चिंतापुर बदन, दादनपुर ढकपुरा, धौरपुर, गढ़ी परती बनारसी, गिजरौली, ककोड़ी, कलवारी ग्राम पंचायतों की धनराशि 2,42,000 रुपये भेजे। केजीएन स्वयं सहायता समूह जलालपुर के खाते में ग्राम पंचायत जलालपुर, राजपुर, रड़गावली, रतनगढ़ी, रूद्रपुर, शाहपुर कलां की धनराशि 1,32,000 रुपये भेजी।
इसी क्रम में आरती स्वयं सहायता समूह के खाते में ग्राम पंचायत ऐंहन, बाघऊ, वाहनपुर, महौ, शेरपुर की धनराशि 1,10,000 रुपये जमा कराए। बाबा साहब स्वयं सहायता समूह नगला रानी के खाते में ग्राम पंचायत हाथरस देहात, नगला अलिया, नगला केशों, नगला खरग, नगला मान तथा सोखना की धनराशि 1,54,000 रुपये भेजे। इस धनराशि से दाल का वितरण न कर आपस में ही बंदरवाट कर लिया गया। इन सभी स्वयं सहायता समूहों ने एक ही फर्म गायत्री फूड से दाल खरीद होना दिखाया। बीडीओ रीता सिंह ने बताया कि उक्त मामले में जांच की जा रही है।