तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे रिश्तेदार पप्पू सिंह ने बताया कि घर में सत्यवीर ही कमाने वाला था। पिता कोमल सिंह कोई काम नहीं करते। सत्यवीर पर तीन बेटी हैं, जिसमें बड़ी की उम्र दस वर्ष है। पिता के जाने से बेटियों के पालन-पोषण पर संकट खड़ा हो गया है। परिवार के पास मात्र दो बीघा जमीन है, जिससे गुजारा नहीं होता। इस कारण सत्यवीर मजदूरी करता था। बेटियों को देखकर पत्नी कविता बार-बार फफक कर रो पड़ती है। बड़े बेटे के जाने से मां संतोष देवी का बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के बाद शाम को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
शॉक एंड हेमरेज से हुई मौत
मृतक सत्यवीर के सीने पर डंडे से कई बार प्रहार किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शॉक एंड हेमरेज के कारण उसकी मौत हुई। अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव व दिल व दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुंचने के कारण उसकी मौत हो गई।