गांव सिखरा निवासी देवेश का शव लेकर परिजन जैसे ही घर पहुंचे उनकी नौ साल की बेटी माही अपने पिता का शव देखकर बेहोश हो गई। पत्नी, मां-पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। बहन की शादी हो चुकी है। पिता का कहना था कि वही एक कमाने वाला पुत्र था, वहीं चला गया। गांव के लोग उन्हें ढाढ़स बंधा रहे थे, लेकिन आंसुओं की धारा रुकने का नाम नहीं ले रही थी। कई दिनों से घर-परिवार में चल रही शादी की खुशियां गम में बदल चुकी थीं। गांव वाले भी इस घटना से दुखी नजर आए।
भोजनालय होने से बैजनाथ मंदिर के पास रहते कुत्ते
मृतक देवेश के छोटे भाई ने कहा कि बैजनाथ मंदिर के पास ही भोजनालय हैं। खाना मिलने की आस में वहां सड़क पर कुत्ते घूमते रहते हैं। अचानक बाइक के सामने आए कुत्ते को बचाने की कोशिश में ही उनके भाई की जान गई। पहले भी इसी स्थान पर हादसे हो चुके हैं।