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Hathras: सड़क पर बाइक फिसलते ही डिवाइडर से टकराया सिर, मौत, पिता का शव देख बेहोश हुर्ह नौ साल की बेटी

Sun, 02 Nov 2025 04:20 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

गांव सिखरा निवासी देवेश का शव लेकर परिजन जैसे ही घर पहुंचे उनकी नौ साल की बेटी माही अपने पिता का शव देखकर बेहोश हो गई। पत्नी, मां-पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे।
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मृतक देवेश की पुत्री को होश में लाने के लिए पानी पिलाती महिला - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सादाबाद कस्बे में आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर बैजनाथ मंदिर के सामने अचानक सामने आ गए कुत्ते से बचने की कोशिश में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसली। बाइक सवार युवक का सिर डिवाइडर से टकराया और मौके पर ही युवक की मौत हो गई। घटना शुक्रवार की रात करीब साढ़े आठ बजे की है।

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सहपऊ के गांव सिखरा निवासी देवेश (40) पुत्र गोकुलचंद्र अपने छोटे भाई शशिकांत की शादी का कार्ड बांटने निकले थे। 18 दिन बाद उनके भाई की शादी होनी है। फरीदाबाद में कार्ड बांटने के बाद शुक्रवार की रात वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे। परिवार शादी की तैयारी में जुटा था। कस्बे में बैजनाथ मंदिर के सामने अचानक उनकी बाइक के आगे कुत्ता आ गया। उससे बचने में अनियंत्रित होकर बाइक सड़क पर फिसली और बाइक से गिरकर देवेश का सिर सीधे डिवाइडर से टकराया।
इससे सिर पर गंभीर चोट लगी। हादसा होते ही वाहन सवार रुककर पास पहुंचे। सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मी घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते हुए सीएचसी पहुंचे। एसएचओ योगेश कुमार ने बताया कि युवक ने हेलमेट नहीं पहना था। लोगों में चर्चा थी कि हेलमेट पहने होते तो शायद सिर पर इतनी गंभीर चोट नहीं लगती।

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पिता का शव देख बेहोश हुई नौ साल की बेटी

गांव सिखरा निवासी देवेश का शव लेकर परिजन जैसे ही घर पहुंचे उनकी नौ साल की बेटी माही अपने पिता का शव देखकर बेहोश हो गई। पत्नी, मां-पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। बहन की शादी हो चुकी है। पिता का कहना था कि वही एक कमाने वाला पुत्र था, वहीं चला गया। गांव के लोग उन्हें ढाढ़स बंधा रहे थे, लेकिन आंसुओं की धारा रुकने का नाम नहीं ले रही थी। कई दिनों से घर-परिवार में चल रही शादी की खुशियां गम में बदल चुकी थीं। गांव वाले भी इस घटना से दुखी नजर आए।

भोजनालय होने से बैजनाथ मंदिर के पास रहते कुत्ते
मृतक देवेश के छोटे भाई ने कहा कि बैजनाथ मंदिर के पास ही भोजनालय हैं। खाना मिलने की आस में वहां सड़क पर कुत्ते घूमते रहते हैं। अचानक बाइक के सामने आए कुत्ते को बचाने की कोशिश में ही उनके भाई की जान गई। पहले भी इसी स्थान पर हादसे हो चुके हैं।
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