सादाबाद। आवारा गोवंश से परेशान ग्राम पंचायत बरामई और नगला गरीबा के किसानों ने मंगलवार को रालोद नेताओं का घेराव कर लिया। इन किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि आवारा पशु आए दिन फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक ग्राम पंचायत में इन आवारा पशुओं को रखे जाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। आक्रोशित किसानों ने प्रशासन को 10 दिन का वक्त देते हुए चेतावनी दी है कि अवारा पशुओं का इंतजाम नहीं किया गया तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
गौरतलब हो कि आवारा गोवंश के रखरखाव के लिए प्रशासन ग्राम पंचायतों में पशु चारागाह आदि की जगह पर अस्थायी पशु आश्रय स्थल का निर्माण करा रहा है, लेकिन अभी भी कई ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें पशु आश्रय स्थल का निर्माण नहीं हो सका है। ग्राम पंचायत बरामई में भी अभी तक अस्थायी पशु आश्रय स्थल न बनाए जाने से आक्रोशित सैकड़ों किसान मंगलवार को मथुरा रोड स्थित रालोद के प्रदेश महासचिव और जिपं सदस्य गुड्डू चौधरी के आवास पर पहुंच गए। यहां किसानों ने उन्हें बताया कि आवारा पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
कुछ पशुओं को गांव के स्कूल के पीछे की बाउंड्री में रखा गया है, लेकिन यहां इनके चारे पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। प्रशासन ने गांव में इन पशुओं का कोई इंतजाम नहीं किया है। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ग्राम प्रधान देवकी नंदन और ग्राम पंचायत सचिव संत कुमार को भी बुला लिया गया। इनसे बातचीत के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। तदुपरांत, गुड्डू चौधरी ने फोन पर डीएम, एसडीएम और बीडीओ से वार्ता की और ग्रामीणों को आश्वसत किया कि 10 दिन के अंदर ग्राम पंचायत में आवारा पशुओं के रखरखाव की व्यवस्था कर दी जाएगी। इस मौके पर जिपं सदस्य संजय कुमार, सतेंद्र फौजदार, रामसहाय, ओमप्रकाश,हरिप्रसाद, सत्यप्रकाश, तेजवीर सिंह, हाकिम सिंह, राजनलाल, थान सिंह, अवधेश, धर्मेंद्र, प्रेम सिंह, भूरी सिंह, गंगाराम, अशोक कुमार, नेकसेराम, बीरी सिंह, दिंगम्बर सिंह, नेत्रपाल, विनोद, सत्यवीर सिंह, ओमवीर सिंह, लीलाधर, हरिपाल सिंह, हेमंत, सोनू आदि थे।