मीरपुर सहकारी समिति पर गुस्साए किसान व समिति सचिव रनवीर सिंह। फोटो - ग्रामीण
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सादाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत मीरपुर स्थित सहकारी समिति पर सोमवार को खाद वितरण व्यवस्था से नाराज किसानों ने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। किसानों ने डीएपी और यूरिया खाद की किल्लत के बीच वितरण में मनमानी और पक्षपात किए जाने का आरोप लगाया।
सहकारी समिति के अध्यक्ष रनवीर सिंह ने आरोप लगाया कि सचिव मनमानी पर उतारू हैं। आम किसान बाहर घंटों कतार में खड़े रहे जबकि परिचितों को बंद कमरे में बैठाकर खाद उपलब्ध कराया जा रहा था। आरोप ये भी है कि सोमवार को किसानों का गुस्सा उस वक्त बेकाबू हो गया जब वितरण में मनमानी का विरोध करने पर जंगला गांव के किसान रामवीर सिंह के साथ समिति पर अभद्रता और गाली-गलौज की गई। इसके बाद आक्रोशित किसानों ने हंगामा किया।
पोदा गांव निवासी किसान ओमवीर सिंह ने बताया कि वह सुबह से भूखे-प्यासे कतार में खड़े थे लेकिन सचिव कभी मशीन नहीं चलने तो कभी रजिस्टर में एंट्री का बहाना बनाकर खाद बांटने से मना करते रहे। दोपहर दो बजे तक किसी भी किसान को खाद नहीं दी गई। पोदा निवासी गुड्डा सिंह ने कहा कि जानबूझकर वितरण में देरी की जा रही है। हंगामे पर तहसीलदार सोनू बघेल मौके पर पहुंचे और किसानों को शांत कराया। तहसीलदार ने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद सचिव को फटकार लगाई। निर्देश दिया कि सभी किसानों को नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से खाद का वितरण किया जाए। मीरपुर सहकारी समिति के सचिव अरविंद गौतम का कहना है कि किसानों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। खाद का वितरण नियमानुसार कराया जा रहा था।
किसानों ने खाद वितरण में मनमानी का आरोप लगाया है। सचिव को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल खाद वितरण सुचारु शुरू हो गया है।
सोनू बघेल, तहसीलदार