मुरसान ब्लॉक की पूर्वी सहकारी समिति पर सोमवार को डीएपी खाद न मिलने पर किसानों ने हंगामा किया। मशक्त के बाद पुलिस ने स्थिति संभाली और अपनी देखरेख में खाद का वितरण कराया।
किसानों ने समिति सचिव शिशपाल सिंह और उनकी बेटी पर चहेतों को रात में खाद बेचने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि किसानों को एक-एक कट्टे के लिए पांच-पांच दिनों तक परेशान किया जा रहा था। बूलगढ़ी निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि 130 बीघा जमीन के बावजूद उन्हें एक भी कट्टा नहीं मिला। खेड़ा परसोली निवासी दैनिक मजदूर अजय सिंह ने कहा कि वह चार दिनों से खाद लेने आ रहे हैं, लेकिन उन्हें रोज कल आना कहकर टाल दिया जाता है। निजी दुकानों पर डीएपी महंगी मिल रही है, जिससे गरीब किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि समिति में डीएपी की खेप पांच दिन पहले ही आ चुकी थी। इसे जानबूझकर रोका गया ताकि बाद में तय मूल्य से अधिक दामों पर ब्लैक किया जा सके। हंगामे की सूचना पर चंदपा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाकर शांत कराया और निगरानी में डीएपी का वितरण शुरू कराया। एआर सहकारी आरएस श्रीवास्तव ने बताया कि सभी समितियों पर खाद उपलब्ध है और किसानों को जरूरत के मुताबिक आपूर्ति की जा रही है।