पुलिस से होती किसानों की होती नोंकझोंक। स्रोत : सोशल मीडिया
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भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ और अगस्त क्रांति के अवसर पर बृहस्पतिवार को भाकियू के बैनर तले किसानों ने तिरंगा यात्रा के साथ ट्रैक्टर मार्च निकाला। तहसील परिसर की ओर बढ़ रहे करीब 10 ट्रैक्टरों को पुलिस ने बस स्टैंड के निकट रोक दिया। किसानों और पुलिस के बीच कुछ देर नोकझोंक हुई।
बाद में किसान ट्रैक्टर वहीं खड़े कर बाइक और पैदल तहसील पहुंचे तथा जय जवान, जय किसान के नारे लगाए। किसानों ने तहसील परिसर में पिछले पांच दिनों से चल रहे आलू किसानों के धरने में सहभागिता की और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष चंद्रेश चौधरी ने बताया कि मार्च में बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन भी शामिल थे। ज्ञापन में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता रद्द करने, सभी फसलों की सुनिश्चित सरकारी खरीद के लिए कानून बनाने, सहकारी समितियों को कॉरपोरेट प्रभाव से बचाने और आलू की सरकारी खरीद 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कराने की मांग की गई।
मौके पर मंगलेश यादव, विश्वजीत आर्य, विक्रम सिंह वर्मा, राजू कुमार, पदम सिंह आर्य, डॉ. रुस्तम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, कृपाल सिंह, प्रमोद कुमार, भानुप्रताप सिंह आदि अनेक किसान मौजूद थे।