संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिला अस्पताल में कार्यरत फार्मासिस्ट की मौत के बाद जब उसकी कोरोना संबंधित जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को सैनिटाइज कराया गया। साथ ही उन चिकित्सक व उसके साथ के स्वास्थ्य कर्मियों के सैंपल लेने की तैयारी की जा रही थी, जोकि उसके संपर्क में थे। इधर, इसकी जानकारी मिलने पर उसके गांव गिजरौली में भी खलबली मच गई। वहां भी ग्रामीणों ने अपने स्तर से सैनिटाइजेशन का काम शुरू कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बागला जिला अस्पताल में तैनात एक फार्मासिस्ट कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। वह शहर से सटे गांव गिजरौली के रहने वाले थे। जिला अस्पताल में ही उनका इलाज भी चल रहा था, लेकिन रविवार को उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई थी। इसके कारण उन्हें अलीगढ़ रेफर किया गया था। शनिवार को उनका कोरोना जांच के लिए सेंपल भी लिया गया था। रविवार को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई । सोमवार की सुबह उनकी कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इस बात की जानकारी अस्पताल के चिकित्सक व अन्य कर्मचारियों को हुई तो उनके होश उड़ गए। अस्पताल में खलबली मच गई। आनन-फानन में अस्पताल के इमरजैंसी वार्ड व अन्य परिसर में सैनिटाइजर का छिड़काव कराया गया। अस्पताल के इमरजैंसी वार्ड में सन्नाटा छाया रहा। वहीं गांव गिजरौली में भी हड़कंप मच गया। ग्रामीण व आस-पास के लोग अब यह सोच कर सहमे हुए थे कि प्रशासन अब उनके क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करेगा। वहीं उक्त फार्मासिस्ट के परिजनों को क्वारंटीन भी कर दिया गया।
- फार्मासिस्ट की मौत के बाद उसकी जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। फार्मासिस्ट के संपर्क में आए डॉक्टर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के सेंपल जांच के लिए अलीगढ़ भेजे जाएंगे। इमरजेंसी वार्ड को सेनेटाइज करा दिया गया है। अस्पताल की सेवाओं को बंद नहीं किया जाएगा। - डॉ बृजेश राठौर, सीएमओ