हाथरस के आगरा रोड पर लोड होने के लिए खड़े ट्रक। संवाद।
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डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण मालभाड़े में बढ़ोतरी का असर मंगलवार से दिखाई देने लगा। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा 20 से 25 प्रतिशत तक भाड़ा बढ़ाने की घोषणा के बाद इसका मिलाजुला असर हुआ है। दिल्ली, मेरठ और एनसीआर जैसे लंबी दूरी के लिए कुछ ट्रांसपोर्टरों ने 20 फीसदी तक भाड़ा बढ़ा दिया है। आगरा, सादाबाद, अलीगढ़ जैसी छोटी दूरी में अभी पुरानी दरों पर ही काम चल रहा है।
लंबी दूरी के ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और एनसीआर क्षेत्र में ग्रीन टैक्स बढ़ने से लागत काफी बढ़ गई है, जिससे भाड़ा बढ़ाना मजबूरी है।
व्यापारियों का कहना है कि मालभाड़ा बढ़ने से बाजार में हर सामान की लागत भी प्रभावित होगी, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी नवजोत शर्मा का कहना है कि फिलहाल सभी ट्रांसपोर्टरों को बढ़े हुए भाड़े को लागू करने के लिए कहा जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिली, तो जिले में मालभाड़े में बढ़ोतरी का असर और व्यापक रूप से होगा।
हाथरस से दिल्ली, मेरठ और गाजियाबाद के लिए माल ढुलाई करने में अब पहले की तुलना में अधिक खर्च आ रहा है। डीजल, टोल टैक्स और ग्रीन टैक्स के बढ़ने से खर्च बढ़ा है। इसलिए 20 फीसदी तक भाड़ा बढ़ाया गया है।
-जीतू कुमार, ट्रांसपोर्टर।
हाथरस से सादाबाद, आगरा और अलीगढ़ तक की छोटी दूरी में अभी भाड़ा नहीं बढ़ा है। फिलहाल पुराने रेट हैं। ईंधन की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं, तो जल्द ही भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा।
उपेंद्र कुमार शर्मा, ट्रांसपोर्टर।