किशोर कृष्णा की मौत के बाद गम में डूबे परिजन
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किशोर कृष्णा की मौत के बाद माता-पिता और बहनों की पूरी रात रोते हुए कटी। 13 अगस्त की सुबह गमगीन माहौल में कृष्णा के शव का अंतिम संस्कार किया गया। घर में खाना भी नहीं बना। परिजन घर के चिराग के बुझने से सदमे में हैं। पांच बहनें अपने इकलौते भाई के जाने से बदहवास हैं। पूरे दिन घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
कृष्णा की मौत से गमजदां मां रेखा एक कोने में गुमसुम बैठी थीं। जब कोई रिश्तेदार आ जाता है तो वह फूट-फूटकर रोने लगती हैं। पिता त्रिलोकी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। 13 अगस्त की सुबह कृष्णा के अंतिम संस्कार के दौरान काफी भीड़ रही। पिता त्रिलोकी की जुबां पर एक ही बात है कि मुझे तो आग देने वाला ही चला गया। इन बेटियों का भाई नहीं रहा। बहनों का कहना है कि घर से यह कहकर निकला था कि दोस्त के साथ घूमने जा रहा हूं, अभी आता हूं, फिर लौटकर ही नहीं आया। यह कहते ही बहनें भी फूट-फूटकर रोने लगती हैं।
कृष्णा की मौत के बाद से घर का चूल्हा ठंडा पड़ा है। पड़ोसियों के यहां से खाना आ रहा था, लेकिन परिजनों ने दोपहर तक कुछ भी खाया-पीया नहीं। उनका कहना था कि हमारा तो सबकुछ चला गया। अब जीकर करेंगे भी क्या। गर्मी के चलते मां बार-बार बेहोश हो रही है। पड़ोसी परिवारीजनों को सांत्वना दे रहे हैं। इस हादसे के बाद भी न तो कोई जनप्रतिनिधि और न कोई जिम्मेदार अधिकारी परिवार को दिलासा देने पहुंचा है।