लगभग खंडहर हो चुके मकान से 3.8 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और कीमती सामान चोरी होने के मामले में पुलिस की जांच पारिवारिक विवाद और आपसी रंजिश के कोण पर टिक गई है। पुलिस आस-पड़ाेसियों से पूछताछ कर रही है। सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं।
चामड़ गेट की पैंठ गली निवासी मंजू वर्मा अपनी बेटी के साथ लंबे समय से बेंगलूरु में रह रही थीं। 31 अगस्त को वह हाथरस लौटी थीं, जिसके बाद उन्हें चोरी की जानकारी हुई। मंजू के परिचित प्रभात ने इस मामले में कोतवाली में शिकायत की थी, जिसके बाद बुधवार को फॉरेंसिक टीम छानबीन को पहुंची थी। पुलिस ने पाया कि यह मकान वर्षों से बंद पड़ा था और वर्तमान में पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है।
पुलिस के सामने सवाल यह है कि इतने असुरक्षित और वीरान मकान में करोड़ों के जेवर क्यों छोड़े गए थे। इसी बिंदु को केंद्र में रखकर पुलिस अब पारिवारिक कलह, जायदाद के बंटवारे और करीबी रिश्तेदारों की भूमिका की जांच कर रही है। सीओ सिटी हिमांशु माथुर ने बताया कि पुलिस आसपास के लोगों और पड़ोसियों से लगातार पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में मकान के आसपास किन संदिग्ध लोगों की आवाजाही रही।