ननकेश विमल ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि उनका तीन महीने का वेतन, एरियर और अन्य भुगतान रुका है। इसे जारी करने के लिए उनसे 45000 रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। विजिलेंस ने सीएमओ कार्यालय की लिपिक मधु भाटिया को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार मधु भाटिया ने पूछताछ में विजिलेंस टीम से कहा था कि 45000 रुपये में 5000 रुपये उनके हैं और 40000 रुपये सीएमओ के लिए जाने हैं। विमल का आरोप है कि उनका बकाया पैसा नहीं दिया गया, उल्टे उनका उत्पीड़न शुरू कर दिया गया है।
बोले अधिकारी
मैं न तो मुरसान सीएचसी और न ही नेत्र परीक्षण अधिकारियों का नोडल अधिकारी हूं। इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। जो भी आरोप है, वह निराधार है।-डॉ. राजीव गुप्ता, एसीएमओ
नेत्र परीक्षण अधिकारी का जो भी रुका हुआ वेतन व अन्य भुगतान हैं, उसको निकाले जाने की प्रकिया जारी है। उनके द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। अगर कोई इस प्रकार का आरोप लगा रहा है तो जांच एजेंसियां जांच कर सकती हैं।-डॉ. मंजीत सिंह, सीएमओ।
नेत्र परीक्षण अधिकारी का वेतन निकालने की प्रकिया जारी है। उनके द्वारा इसमें किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया जा रहा है। पत्रों को रिसीव नहीं किया जा रहा है। इसके चलते देरी हो रही है। उनके लापता होने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, परिवार ने फोन किया था, तब उन्हें पता चला।- डॉ. चंद्रवीर सिंह, एमओआईसी, सीएचसी मुरसान।