हाथरस के ऐतिहासिक किला परिसर में हो रहे अतिक्रमण पर प्रशासन एक बार फिर गंभीर हो गया है। डीएम अतुल वत्स ने एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ ड्रोन कैमरे के माध्यम से स्थल का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। डीएम ने पूरे क्षेत्र की स्थिति को जाना। अब इसके अनुरूप किला परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने की रणनीति बनाई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मंदिर परिसर की सुरक्षा, संरक्षा एवं उसके मूल स्वरूप के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने मार्किंग पॉइंट निर्धारित करते हुए सर्वे के माध्यम से समस्त जानकारी संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे क्षेत्र की स्थिति को साफ करने के लिए बाउंड्रीवाल व अतिक्रमण क्षेत्रों को हाईलाइट करते हुए रेड फ्लैग लगाए जाने की भी बात कही।
डीएम ने मंदिर परिसर एवं किला खाई क्षेत्र के सुंदरीकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और भक्तों के लिए सुगम परिक्रमा मार्ग विकसित किए जाने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों, उपजिलाधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को समन्वय स्थापित करते हुए यथाशीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। पुरातत्व विभाग की ओर से अवगत कराया गया कि अभी तक यहां 470 अतिक्रमण हो चुके हैं। इन्हें रोकने के लिए लगातार एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए पत्र भेेजे जा रहे हैं।
तो फिर पुरातत्व विभाग नोटिस क्यों देता है...
निरीक्षण के दौरान पुरातत्व विभाग के कर्मी ने बताया मंदिर परिसर से अलग कुछ क्षेत्र पुरातत्व विभाग के अधीन नहीं आता। एसडीएम सदर राजबहादुर ने उनसे पूछा कि मेला श्रीदाऊजी महाराज के आयोजन के दौरान विकास कार्य कराए जाते समय पुरातत्व विभाग की ओर से नोटिस क्यों दिए जाते हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही अब किला परिसर में नगर पालिका व पुरातत्व विभाग के क्षेत्र पर स्थिति साफ की जाएगी।