ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते की शर्ते लागू न होने पर ओढ़पुरा स्थित बिजली घर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों व अभियन्ताओं ने बुधवार को कार्य बहिष्कार एवं विरोध प्रदर्शन किया। इससे कार्यालय का काम काज ठप हो गया। बिल जमा करने आए उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के आह्वान पर प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के बिजली कर्मचारियों जूनियर इंजीनियरों अभियन्ताओं और निविदा व संविदा कर्मियों ने बुधवार को 10 बजे से कार्य बहिष्कार किया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 16 मार्च की रात 10 बजे से 72 घंटे की सांकेतिक हड़ताल होगी। उन्होंने बताया कि ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन की हठधर्मिता के चलते बिजली कर्मियों पर हड़ताल थोपी जा रही है।
उन्होंने कहा कि तीन दिसंबर 2022 को हुए समझौते में ऊर्जा मंत्री की ओर से 15 दिन का समय मांगा गया था। अब तक 112 दिन व्यतीत हो गए हैं। समझौते के प्रमुख बिंदुओं के क्रियान्वयन की दिशा में कुछ भी कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस दौरान संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक सुरेन्द्र सिंह एवं जिला सहसंयोजक बिजेन्द्र सिंह राणा, विनय कुमार यादव, महेन्द्र, रमेश कुमार शर्मा, कृष्ण निमेश जिला अध्यक्ष निविदा व संविदा कर्मचारी संघ, उपखण्ड अधिकारी विपिन गुप्ता आदि मौजूद रहे।