जिला महिला अस्पताल में बिजली लाइन में फॉल्ट होने से एसएनसीयू में आपूर्ति ठप हो गई। केएमसी इकाई और मरीजों के प्रतीक्षालय में अंधेरा छा गया। गर्मी बढ़ने होने पर मासूम रोने लगे। 45 मिनट बाद बिजली आने पर स्थित सामान्य हुई।
जिला महिला अस्पताल स्थित एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) में गंभीर नवजात शिशुओं का उपचार किया जाता है। शनिवार सुबह अचानक एसएनसीयू की बिजली गुल हो गई। इससे प्रतीक्षालय और केएमसी इकाई (कंगारू मदर केयर) में अंधेरा छा गया।
सबसे ज्यादा परेशानी केएमसी इकाई में भर्ती बच्चों व महिला तीमारदारों को हुई। बिजली न होने के चलते पंखे बंद हो गए। ऐसे में गर्मी बढ़ने पर मासूम रोने लगे। रोशनी न होने से मरीजों को मोबाइल टार्च का सहारा लेना पड़ा। करीब 45 मिनट बाद बिजली आई तब कहीं जाकर स्थित सामान्य हुई।
बच्चे की तबियत खराब है। उपचार के लिए एसएनसीयू लेकर आए हैं। यहां करीब 45 मिनट से बिजली नहीं आ रही। अंधेरा होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - धनंजय, तीमारदार।
मेरा बच्चा बीमार है। उसे उपचार के लिए एसएनसीयू लेकर आई हूं। यहां काफी देर से बिजली नहीं आ रही है। परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - मोना, तीमारदार
- विद्युत लाइन में फॉल्ट होने से एसनसीयू की बिजली चली गई थी। एसएनसीयू में इनवर्टर की व्यवस्था है। शनिवार को कोई अति गंभीर बच्चा भर्ती नहीं था। इसलिए जनरेटर नहीं चलाया गया। अन्यथा तत्काल जनरेटर चला दिया जाता है। करीब 30 मिनट बाद बिजली आ गई और स्थिति सामान्य हो गईं। - डॉ. शैली सिंह, सीएमएस जिला महिला अस्पताल हाथरस।