शहर से गांवों तक गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। जर्जर लाइनों में हो रहे फॉल्ट के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। शहर और ग्रामीण अंचल में चार से पांच घंटे लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। इसका असर घरेलू कार्याें के साथ उद्योग-धंधों पर भी पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि 10 साल पहले बिजली चोरी रोकने के लिए शहर, कस्बा और गांवों में बंच कंडक्टर लाइन डाली गई थी। वर्तमान में यह लाइनें जर्जर हो गई हैं। विभाग के आंकड़ों के हिसाब से जिले में साढ़े 500 किलोमीटर लाइन जर्जर हालत में है। अब गर्मी बढ़ने के साथ लाइनों व उपकरणों पर लोड बढ़ गया है। इस कारण लाइनों में फॉल्ट की संख्या बढ़ गई है। शहर के नवीपुर विद्युत उपकेंद्र से निकलने वाले फीडरों पर एक से दो घंटे और गिजरौली पर एक से दो घंटे बिजली गुल हो रही है। ओढ़पुरा विद्युत उपकेंद्र से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट के चलते दो से तीन घंटे बिजली ठप हो रही है।
शहर के वाटर वर्क्स और कांशीराम टाउनशिप आदि विद्युत उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट के चलते तीन से चार घंटे बिजली गुल हो रही है। देहात के मुरसान, चंदपा, सासनी, मुरसान, सलेमपुर, महौ, नगला रति आदि विद्युत उपकेंद्रों पर चार से पांच घंटे लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। बिना बिजली के लोग जरूरी कामकाज नहीं कर पा रहे हैं।
लोगों का पसीना छूट रहा है। इस ओर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि गर्मी में फॉल्ट बढ़ गए हैं। इस कारण कुछ घंटे बिजली बाधित हो रही है। वैसे कर्मियों द्वारा जल्द से जल्द फॉल्ट को दूर करने का काम किया जा रहा है।
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बिजली व्यवस्था रामभरोसे हैं। कभी दिन तो कभी रात में काफी काफी देर गुल हो रही है। इस कारण चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली कटौती भी अधिक हो रही है।
-सतीशचंद्र शर्मा, उपभोक्ता
पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। लाइन जर्जर हालत में हैं। लाइनों को बदलने पर विभाग का ध्यान नहीं है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
-प्रेमचंद्र पाठक, उपभोक्ता
जिलेभर में बिजली की लाइनें जर्जर हालत में हैं। इस कारण थोड़ा भार पड़ता है तो फॉल्ट हो जाता है। इस कारण बिजली बाधित होती रहती है। उद्योग-धंधे भी प्रभावित हो रहे हैं। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
-अजय शर्मा, उपभोक्ता