कक्षा तीन की छात्रा को डीएम ने दिए गिफ्ट
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हाथरस शहर में रेलवे फाटकों पर हर दिन लगने वाले भीषण जाम और उससे आम जनता को होने वाली परेशानियों का मुद्दा अब छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई को भी प्रभावित कर रहा है। मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा ही अनोखा नजारा देखने को मिला, जब सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज की कक्षा 3 की नन्हीं छात्रा आश्वी ने हाथरस की जाम की जनसमस्या को सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखा।
कक्षा तीन की छात्रा आश्वी ने जिलाधिकारी अतुल वत्स को एक प्रार्थना-पत्र सौंपा। छात्रा ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वह प्रतिदिन ट्यूशन पढ़ने के लिए जाती है, लेकिन बिजली कॉटन मिल रेलवे फाटक पर अक्सर रेलगाड़ी खड़ी रहती है। घंटों फाटक बंद रहने के कारण उसे लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे उसकी पढ़ाई का नुकसान होता है और वह समय पर ट्यूशन नहीं पहुंच पाती।
नन्हीं आश्वी ने न सिर्फ अपनी समस्या बताई, बल्कि शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सुझाव भी दिए। छात्रा ने मांग की कि मालगाड़ियों को शहर के बीच में रोकने के बजाय मुरसान अथवा मेंडू स्टेशन पर रोका जाए। हाथरस में एलीवेटेड रेलवे ट्रैक के निर्माण की मांग उठाई, ताकि स्कूली बच्चों, मरीजों, व्यापारियों और आम जनता को इस भीषण जाम से स्थायी राहत मिल सके।
डीएम ने भेंट किया उपहार, डीआरएम से वार्ता का आश्वासन
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि इतनी कम उम्र में जनहित से जुड़े गंभीर विषय को इतनी बेबाकी से उठाना बेहद प्रेरणादायक है। डीएम ने आश्वी को आश्वस्त किया कि इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक से वार्ता कर समस्या का सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। जिलाधिकारी ने नन्हीं आश्वी के इस साहस और सराहनीय पहल के लिए उसे उपहार भेंट कर उसका हौसला बढ़ाया।